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खशोगी मामला: तुर्की ने जताई थी हत्या की आशंका, अब सऊदी ने सभी दावों को खारिज किया

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 14 Oct 2018 11:15 AM IST
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सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी के लापता होने के बाद तुर्की के अधिकारियों ने उनकी हत्या की आशंका जताई थी। खशोगी को आखरी बार इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर जाते हुए देखा गया था। अधिकारियों ने कहा था कि दूतावास में उनकी हत्या कर दी गई है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया था कि सऊदी राजकुमार ने खशोगी को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन चलाया था। लेकिन अब इस मामले पर सऊदी अरब का भी बयान आया है।

सऊदी अरब का कहना है कि दूतावास में निशानेबाज द्वारा खशोगी की हत्या नहीं हुई है, यह सभी आरोप झूठे हैं। अब पत्रकार के लापता होने को लेकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच विवाद पैदा हो सकता है। इसी बीच वाशिंगटन पोस्ट में एक और खबर आई है, जिसमें कहा गया है कि तुर्की के पास दूतावास के भीतर की रिकॉर्डिंग है। जो इस बात का दावा है कि वहां पहले तो खशोगी को यातनाएं दी गईं और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।  



सऊदी की सरकारी मीडिया में कहा गया है कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल सप्ताह के अंत तक तुर्की के अधिकारियों से मुलाकात कर सकता है। लेकिन अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि इसमें कौन लोग शामिल होंगे। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सऊदी से कहा है कि उनके पास अपना दावा साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज हैं और अगर वह मानते हैं कि खशोगी दूतावास से बाहर निकले थे तो इस बात को साबित करें।

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सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी के लापता होने के बाद तुर्की के अधिकारियों ने उनकी हत्या की आशंका जताई थी। खशोगी को आखरी बार इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास के अंदर जाते हुए देखा गया था। अधिकारियों ने कहा था कि दूतावास में उनकी हत्या कर दी गई है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया था कि सऊदी राजकुमार ने खशोगी को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन चलाया था। लेकिन अब इस मामले पर सऊदी अरब का भी बयान आया है।

सऊदी अरब का कहना है कि दूतावास में निशानेबाज द्वारा खशोगी की हत्या नहीं हुई है, यह सभी आरोप झूठे हैं। अब पत्रकार के लापता होने को लेकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच विवाद पैदा हो सकता है। इसी बीच वाशिंगटन पोस्ट में एक और खबर आई है, जिसमें कहा गया है कि तुर्की के पास दूतावास के भीतर की रिकॉर्डिंग है। जो इस बात का दावा है कि वहां पहले तो खशोगी को यातनाएं दी गईं और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।  

सऊदी की सरकारी मीडिया में कहा गया है कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल सप्ताह के अंत तक तुर्की के अधिकारियों से मुलाकात कर सकता है। लेकिन अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि इसमें कौन लोग शामिल होंगे। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सऊदी से कहा है कि उनके पास अपना दावा साबित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज हैं और अगर वह मानते हैं कि खशोगी दूतावास से बाहर निकले थे तो इस बात को साबित करें।

ट्रंप इस मामले में करेंगे सऊदी राजकुमार से बात

खशोगी अमेरिकी निवासी हैं। उनकी मंगेतर ने इस मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मदद मांगी थी। जिसके बाद उन्होंने कहा है कि वह सऊदी के राजकुमार से इस बारे में बात करेंगे। खशोगी ने सऊदी अरब के राजकुमार सलमान के शासन और उनके बेटे मोहम्मद बिन सलमान के खिलाफ वाशिंगटन पोस्ट में कई लेख लिखे थे। वह सऊदी अरब के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर लिखते थे। जिसमें यमन युद्ध की आलोचना, कनाडा के साथ राजनयिक विवाद शामिल है। इन सभी मुद्दों ने प्रिंस मोहम्मद की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
 
वाशिंगटन पोस्ट में यह भी कहा गया है कि बीते 7 सालों से अमेरिका में रह रहे खशोगी को लालच देने के लिए सऊदी अधिकारियों ने कई योजनाएं भी बनाई थीं। अखबार में खशोगी के कई दोस्तों द्वारा दिए बयान भी हैं। खशोगी के दोस्तों का कहना है कि कई सऊदी अधिकारियों ने खशोगी से संपर्क कर सुरक्षा प्रदान करने और ऊंचे पद पर सरकारी नौकरी देने को भी कहा था। लेकिन उन्होंने शर्त रखी थी कि खशोगी को सऊदी वापस आना होगा। लेकिन उन्हें इन सभी प्रस्तावों पर शक था।

तुर्की सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी है कि उनके पास ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिससे यह पता चलता है कि खाशोगी के शव को नष्ट किए जाने से पहले दूतावास में कैसे उनसे पूछताछ की गई, यातना दी गयी और फिर हत्या कर दी गई। लेकिन उन्होंने रिपोर्ट की सत्यता पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
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