बाबक जनजानी पर तकरीबन तीन अरब डॉलर के घपले का आरोप
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ईरान में भ्रष्टाचार के आरोप में एक अरबपति व्यापारी को मौत की सजा सुनाई गई है। अरबपति कारोबारी बाबक जनजानी पर तकरीबन तीन अरब डॉलर के घपले का आरोप है। वे ईरान के सबसे धनी आदमी हैं। 42 वर्षीय जनजानी को दिसंबर 2013 में गिरर किया गया था। उन पर अपनी कंपनियों के माध्यम से तेल बेचकर पैसा बनाने के आरोप हैं।
हालांकि जनजानी ने इन आरोपों से इनकार किया है। ईरान के न्याय विभाग के एक प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि जनजानी पर धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों का दोषी पाया गया है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने जनजानी को प्रतिबंध के दौर में तेल बेचने में ईरान की सहायता करने के लिए ब्लैकलिस्ट किया था।
उनके अलावा दो अन्य व्यक्तियों को भी मौत की सजा सुनाई गई है और उन्हें घोटाले की रकम लौटाने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के खिलाफ अपील की जा सकती है। जनजानी पर आरोप है कि उन्होंने देश की कीमत पर खुद के लिए पैसे बनाए। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने आर्थिक प्रतिबंधों के दौरान मौके का फायदा उठाया, उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके बाद साल 2013 में जनजानी को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर मुकदमा चलाया गया। जनजानी दुबई में रहते हुए 60 कंपनियों का एक नेटवर्क चलाते थे, जो कॉस्मेटिक्स से लेकर बैंकिंग और एयरलाइन्स तक के धंधे में थे। उनका जन्म तेहरान में हुआ था और उन्होंने तुर्की में विश्वविद्यालय स्तर की पढ़ाई की थी। वे साल 1999 में ईरान के केंद्रीय बैंक के प्रमुख के ड्राइवर बन गए।