अबू धाबी में एक व्यापारी को धोखाधड़ी के आरोप में 3 साल की सजा सुनाई गई है। व्यापारी ने अबू धाबी में नंबर वन की कार नंबर प्लेट खरीदने के लिए 31 मिलियन दिरहम का चेक दिया था जोकि बाउंस हो गया। जिसके बाद व्यापारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
अबू धाबी में गाड़ियों पर वीआईपी नंबर लेने का फैशन है। इसी के तहत वहां के साल 2016 में बोली लगाई गई थी। जहां 33 साल के स्थानीय व्यापारी ने 31 मिलियन दिरहम की बोली लगाकार 'नंबर वन' को खरीदा था। इतनी बड़ी राशि में नंबर प्लेट खरीदे जाने पर अब्दुला अल माहरी के नाम पर दुनिया भर में चर्चा हुई थी। लेकिन बैंक के आगे जब उस चेक को पेश किया गया जो अब्दुला ने दिया था तो बैंक ने उसे गलत करार दे दिया।
चेक के बाउंस होने पर पब्लिक फंड अभियोजन ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी व्यापारी को गिरफ्तार किया और कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने व्यापारी को 3 साल की सजा सुनाई है।पूछताछ में व्यापारी ने कबूल किया है कि जब चेक लगाया था तो
बैंक में पर्याप्त नकद नहीं होने की जानकारी थी। व्यापारी ने बताया कि वह इस वीआईपी नंबर को बेचकर ऑर्गनाइजर की बकाया राशि देने की योजना थी। लेकिन नियम के अनुसार इस नंबर को तब तक नहीं बेचा जा सकता जब तक आप नंबर की पूरी राशि भर नहीं देते।