पाकिस्तानी महिला अधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल ने बुधवार को कहा कि उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करना पाकिस्तान की अदालत द्वारा देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई को खुश करने के लिए किया गया काम है।
बता दें कि इस्माइल के खिलाफ राष्ट्रीय संस्थानों को खराब करने से संबंधित मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। आदेश के मुताबिक यदि वह 21 अक्तूबर तक कोर्ट के सामने पेश नहीं होती हैं को उन्हें 'घोषित अपराधी' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
कोर्ट के इस आदेश पर पाकिस्तान के एक पत्रकार ने ट्वीट किया कि कोर्ट ने कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह अदालत ने नहीं किया है। पाक सेना यह चाहती है और हम सब जानते हैं कि न्याय व्यवस्था कितनी स्वतंत्र है। इस ट्वीट पर इस्माइल ने लिखा, 'आईएसआई को खुश करने के लिए पाकिस्तान की अदालतें यही सब करती हैं।'
गुलालाई इस्माइल को पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसलिए निशाने पर लिया है क्योंकि उन्होंने देश की सेना द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों को उजागर किया था। उनपर पाकिस्तान ने राजद्रोह का आरोप लगाया गया था जिसके बाद वह भागकर अमेरिका आ गईं। गुलालाई फिलहाल अपनी बहन के साथ ब्रूकलिन में रह रही हैं।
गुलालाई इस्माइल ने पाकिस्तानी सेना द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी। देश की महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उनपर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर गुलालाई इस्माइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।