कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने अब खतरनाक रूप धारण कर लिया है। कई देशों में मिल रहे प्रमाण से पता चला है कि डेल्टा वैरिएंट पूरी तरह से टीकाकरण वाले लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम है।
वायरोलॉजिस्ट और महामारी विज्ञानियों के अनुसार, डेल्टा वैरिएंट कोरोना वायरस का सबसे तेज, सबसे योग्य और सबसे भयंकर वैरिएंट है, जो दुनियाभर में कोविड-19 महामारी के तेजी से फैलने का कारण बनता जा रहा है। ऐसे में कई देश जो अपने यहां अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील दे रहे हैं, डेल्टा कोरोना बीमारी के खत्म नहीं होने की धारणाओं को बढ़ा रहा है।
10 प्रमुख कोविड-19 विशेषज्ञों के साक्षात्कार के अनुसार, कोरोना वायरस के किसी भी वैरिएंट के कारण होने वाले गंभीर संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए वैक्सीन सुरक्षा अभी भी बहुत मजबूत है, और जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लगवाया है वे सबसे अधिक जोखिम में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि 'पहली बार भारत में पहचाने जाने वाले डेल्टा वैरिएंट के बारे में बड़ी चिंता यह नहीं है कि यह लोगों को बीमार बनाता है, बल्कि ये है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अधिक आसानी से फैलता है और गैर-टीकाकरण वाले लोगों में संक्रमण को बढ़ाने और अस्पताल में भर्ती होने का यह मुख्य कारण है।'
विशेषज्ञों ने कहा कि इस बात के साक्ष्य बढ़ रहे हैं कि यह कोरोना के अन्य वैरिएंट की तुलना में पूरी तरह से टीकाकरण वाले लोगों को अधिक दर से संक्रमित करने में सक्षम है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि डेल्टा वैरिएंट कोरोना वायरस को तेजी से फैला सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 'इस समय दुनिया के लिए सबसे बड़ा जोखिम केवल डेल्टा है।' माइक्रोबायोलॉजिस्ट शेरोन पीकॉक ने कहा, 'ब्रिटेन में जो लोग कोरोना वायरस वैरिएंट के जीनोम सिक्वेंसिंग में जुटे हैं उन लोगों का कहना है कि डेल्टा अभी तक का सबसे योग्य और सबसे तेज वैरिएंट है।' उन्होंने कहा कि वायरस लगातार म्यूटेशन के माध्यम से विकसित होते हैं, इसके नए प्रकार उत्पन्न होते हैं, और कभी-कभी ये असली से ज्यादा खतरनाक होते हैं।
यूरोप में तबाही मचा रहा डेल्टा वैरिएंट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी सोमवार को चेतावनी दी कि डेल्टा अब यूरोप के अधिकांश हिस्सों में कोविड-19 का प्रमुख वैरिएंट है। यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ईसीडीसी) के साथ, डब्ल्यूएचओ ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट को और फैलने से रोकने के लिए प्रयासों को मजबूत किया जाना चाहिए।
डब्ल्यूएचओ के यूरोप के रीजनल ऑफिस (डब्ल्यूएचओ/यूरोप) के अनुसार, 28 जून और 11 जुलाई के बीच की अवधि के डाटा को पढ़कर पता चलता है कि डेल्टा 28 यूरोपीय देशों में से कम से कम 19 में कोरोना का प्रमुख वैरिएंट है। इन 19 देशों में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए नमूनों में पाए गए डेल्टा वैरिएंट का औसत 68.3 प्रतिशत था।
इसकी तुलना में, पहले का प्रमुख अल्फा वैरिएंट सिर्फ 22.3 प्रतिशत सैंपल्स में पाया गया था। इससे यह पता चलता है कि डेल्टा वैरिएंट अल्फा वैरिएंट को पीछे कर चुका है और यूरोप में अधिक तबाही मचा रहा है।