स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को ‘राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। वह जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने में दुनिया के सियासी लोगों की अकर्मण्यता के विरुद्ध युवा आंदोलन की आवाज बन चुकी इस 16 वर्षीय किशोरी के लिए सम्मान देते हुए स्वीडिश मानवाधिकार पुरस्कार की जूरी ने बताया कि इस अवॉर्ड को ‘वैकल्पिक नोबल पुरस्कार’ भी कहा जाता है।
राइट लाइवलीहुड फाउंडेशन ने बताया कि ग्रेटा को यह पुरस्कार जलवायु परिवर्तन पर पूरे विश्व का ध्यान इस दिशा में आकर्षित करने और तत्काल कदम उठाने की मांग को लेकर लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रदान किया गया है।
फाउंडेशन ने बताया कि ग्रेटा के साथ इस वर्ष राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड तीन अन्य लोगों को भी दिया गया है। इनमें पश्चिमी सहारा क्षेत्र में लोगों के अधिकार के लिए काम करने वाली मोरक्को की अमिनतोउ हैदर, चीन में महिलाओं के अधिकार के लिए काम करने वालीं वकील गुओ जियानमेई और ब्राजील में अमेजन के जंगलों को बचाने के लिए उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाली डवी कोपेनवारा को दिया गया।
इस पुरस्कार की शुरुआत स्वीडिश जर्मन दार्शनिक जकोब वॉन उसेक्सुल ने 1980 में की थी। बता दें कि ग्रेटा ने संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान दुनिया भर के नेताओं की निंदा की थी।
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए हो चुकी हैं नामित
इसी साल मार्च में ग्रेटा को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जा चुका है। अगर दिसंबर में उन्हें यह अवॉर्ड मिलता है तो वे इसे पाने वाली सबसे युवा शख्सियत होंगी। जलवायु परिवर्तन पर अभियान के लिए उन्होंने एक साल के लिए स्कूल से छुट्टी ली है। उससे प्रेरित होकर 150 से अधिक देशों में 40 लाख से अधिक युवा गत शुक्रवार को वैश्विक जलवायु हड़ताल में भाग ले चुके हैं।