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यूएन में अपने भाषण से दुनियाभर में छाई ग्रेटा थनबर्ग को मिला ‘वैकल्पिक नोबल पुरस्कार’

Thu, 26 Sep 2019 01:47 AM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम

सार

  • ‘वैकल्पिक नोबल पुरस्कार’ के नाम से प्रसिद्ध यह सम्मान तीन अन्य को भी मिला
  • 10 लाख स्वीडिश मुद्रा (10,300 डॉलर) की नगद राशि हर विजेता को मिलेगी
  • नोबेल शांति पुरस्कार के लिए हो चुकी हैं नामित
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ग्रेटा थनबर्ग (फाइल फोटो)
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विस्तार
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स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को ‘राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। वह जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने में दुनिया के सियासी लोगों की अकर्मण्यता के विरुद्ध युवा आंदोलन की आवाज बन चुकी इस 16 वर्षीय किशोरी के लिए सम्मान देते हुए स्वीडिश मानवाधिकार पुरस्कार की जूरी ने बताया कि इस अवॉर्ड को ‘वैकल्पिक नोबल पुरस्कार’ भी कहा जाता है।
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राइट लाइवलीहुड फाउंडेशन ने बताया कि ग्रेटा को यह पुरस्कार जलवायु परिवर्तन पर पूरे विश्व का ध्यान इस दिशा में आकर्षित करने और तत्काल कदम उठाने की मांग को लेकर लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रदान किया गया है।

फाउंडेशन ने बताया कि ग्रेटा के साथ इस वर्ष राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड तीन अन्य लोगों को भी दिया गया है। इनमें पश्चिमी सहारा क्षेत्र में लोगों के अधिकार के लिए काम करने वाली मोरक्को की अमिनतोउ हैदर, चीन में महिलाओं के अधिकार के लिए काम करने वालीं वकील गुओ जियानमेई और ब्राजील में अमेजन के जंगलों को बचाने के लिए उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाली डवी कोपेनवारा को दिया गया।
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इस पुरस्कार की शुरुआत स्वीडिश जर्मन दार्शनिक जकोब वॉन उसेक्सुल ने 1980 में की थी। बता दें कि ग्रेटा ने संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान दुनिया भर के नेताओं की निंदा की थी।

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए हो चुकी हैं नामित

इसी साल मार्च में ग्रेटा को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया जा चुका है। अगर दिसंबर में उन्हें यह अवॉर्ड मिलता है तो वे इसे पाने वाली सबसे युवा शख्सियत होंगी। जलवायु परिवर्तन पर अभियान के लिए उन्होंने एक साल के लिए स्कूल से छुट्टी ली है। उससे प्रेरित होकर 150 से अधिक देशों में 40 लाख से अधिक युवा गत शुक्रवार को वैश्विक जलवायु हड़ताल में भाग ले चुके हैं।
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ट्रंप को दिया जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा के उस वीडियो को ट्वीट किया जिसमें वे आंसुओं से भरी हुई थीं और गुस्से में भाषण दे रही थीं। इस पर ट्रंप ने ट्वीट किया कि एक खुश दिखने वाली लड़की उज्ज्वल भविष्य की तरफ देख रही है। देखकर खुशी हुई। ट्रंप के इसी ट्वीट के जवाब में ग्रेटा थनबर्ग ने अपना ट्विटर बायो ही बदल दिया। ट्विटर बायो में ट्रंप के उसी ट्वीट को लिख दिया जो उन्होंने ग्रेटा के लिए किया था।

एस्परजर सिंड्रोम से पीड़ित

ग्रेटा थनबर्ग एस्परजर सिंड्रोम से ग्रसित हैं। एस्परजर सिंड्रोम ऑटिज्म का ही एक प्रकार है। ग्रेटा ने एक बार बताया था कि उन्होंने लंबे समय तक अवसाद, अलगाव और चिंता झेली है। दो अप्रैल को ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर ग्रेटा ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने लिखा, आज ऑटिज्म अवेयरनस डे है और ऑटिज्म कोई तोहफा नहीं है।
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