गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला
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ऑनलाइन सर्चिंग की दुनिया में सर्च इंजन गूगल का दबदबा है लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नाडेला की माने तो अब गूगल का यह दबदबा खत्म होने वाला है। दरअसल, कंपनी ने सर्च इंजन Bing को नए अवतार में पेश करने की घोषणा कर दी है। बिंग को कंपनी द्वारा भाषा आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस किया गया है। कंपनी ने नए एज ब्राउजर (Microsoft Edge browser) को भी पेश किया है। इसे भी माइक्रोसॉफ्ट चैटबॉट टेक्नोलॉजी से लैस किया गया है। सत्या नाडेला ने इसे ऑनलाइन सर्चिंग की दुनिया में नई शुरुआत बताया है। एक लॉन्च इवेंट के दौरान सत्या नाडेला ने कहा कि 'यह नई शुरुआत है और रेस आज से शुरू होती है'।
AI से लैस है सर्च इंजन बिंग
बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट अपने सर्च इंजन बिंग को ताकतवर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस किया है, जिसमें उसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे एआई बोट चैटजीपीटी को बनाया गया है। बता दें कि चैटजीपीटी के कुछ ही समय में यूजर्स 100 मिलियन के पार पहुंच गए हैं और दुनिया भर में इसे गजब की लोकप्रियता मिली है। निबंध लिखने, भाषण तैयार करने, एग्जाम में मदद जैसे कितने ही काम चैटजीपीटी कुछ ही सेकंड में खत्म कर दे रहा है, जिसके चलते चैटजीपीटी के यूजर्स में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि सर्च इंजन बिंग को चैटजीपीटी से लैस करने से ऑनलाइन सर्चिंग जबरदस्त तरीके से अपग्रेड होगी।
चैटजीपीटी को एक कैलिफोर्निया बेस्ड स्टार्टअप OpenAI ने डेवलेप किया है। इस स्टार्टअप की शुरुआत साल 2015 में हुई। साल 2019 में माइक्रोसॉफ्ट ने ओपनएआई में एक बिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके अलावा हाल ही में भी स्टार्टअप ने कंपनी के साथ कई बिलियन डॉलर की डील की है। एलन मस्क समेत कई अन्य कंपनियों ने भी इस स्टार्टअप में निवेश किया हुआ है।
ऑनलाइन सर्चिंग की दुनिया में गूगल के दबदबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गूगल के पास ऑनलाइन सर्चिंग की ग्लोबल मार्केट का 84 फीसदी हिस्से पर कब्जा है। कंपनी को हर तिमाही में एड सेल्स से 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई होती है, जो कंपनी के कुल राजस्व का दो तिहाई है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट के बिंग का ऑनलाइन सर्च में 9 फीसदी हिस्सा है।