मौजूदा समय में दुनिया अबतक के सबसे बड़े साइबर अटैक का सामना कर रही है। ये कहां से आया और क्यों सभी को निशाना बना रहा था, अबतक इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। पर भारतीय मूल के गूगल रिसर्चर ने इसके पीछे के नॉर्थ कोरियाई लिंक को खोज निकाला है। उनकी दी गई जानकारियों के बाद इजरायली टेक सिक्यूरिटी फर्म ने भी रैंसमवेयर के पीछे नॉर्थ कोरिया को ही जिम्मेदार माना है। जिसके बाद माना जा रहा है कि नॉर्थ कोरिया को लेकर एक बार फिर से अमेरिका और रूस में ठन सकती है।
रैंसमवेयर साइबर अटैक से अबतक दुनियाभर के 3लाख कंप्यूटर प्रभावित होने की खबर है। अब इसके पीछे नॉर्थ कोरियाई लिंक मिला है। गूगल रिसर्चर नील मेहरा ने कंप्यूटर कोड पोस्ट करके बताया कि किस तरह से ‘वन्नाक्राई’ मायवेयर और प्योंगयांग द्वारा हैकिंग की कोशिशों में समानता है। वहीं, दिग्गज रूसी साइबर सिक्यरिटी फर्म केस्परस्काई का मानना है कि इस मामले में अभी और जांच की जरूरत है।
नील मेहरा के कंप्यूटर कोड जारी करने के बाद इजरायली सिक्यूरिटी फर्म इंतेजेर ने भी ये माना कि रैंसमवेयर के पीछे नॉर्थ कोरियाई लिंक हो सकता है। इंतेजेर के मुख्य कार्यकारी इताई तेवेत ने ट्वीट पर कहा कि हमारी फर्म इस हमले के पीछे नॉर्थ कोरियाई लिंक को पक्के तौर पर मानती है।
इस खुलासे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के टॉप साइबर सिक्यूरिटी एडवाइजर टॉन बोसर्ट ने कहा कि अबतक हमपर इसके पीछे होने का आरोप लगता रहा है। जो गलत साबित हुआ। हमारे एनएसए द्वारा ऐसा कोई टूल विकसित ही नहीं किया गया था। ये पूरी तरह से वैश्विक साइबर अटैक है।
गौरतलब है कि रैंसमवेयर साइबर अटैक के पीछे रूसी राष्ट्रपति व्लॉदिमिर पुतिन ने अमेरिका का हाथ बताया था। ऐसे में इसके पीछे नॉर्थ कोरियाई लिंक मिलने के बाद रूस और अमेरिका में तनातनी हो सकती है।