गिलगित-बाल्टिस्तान में विपक्ष का प्रदर्शन
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भारत के लगातार विरोध जताने के बाद भी पाकिस्तान सरकार बाज नहीं आई और उसने गिलगित-बाल्टिस्तान में गैर-कानूनी तरीके से चुनाव कराए। वहीं, अब यहां विपक्षी पार्टियों ने इमरान खान की पीटीआई पर बड़े पैमाने पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है।
मंगलवार को पाकिस्तान के राजनीतिक दलों ने गिलगित-बाल्टिस्तान में विरोध प्रदर्शन किया और दावा किया कि गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनाव में धांधली हुई है। विधानसभा चुनाव के लिए 15 नवंबर को मतदान किया गया था। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) की मरियम नवाज शरीफ ने भी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
भारत ने जताया था विरोध
वहीं, भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करवाया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने सितंबर में एक डिजिटल प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि सैन्य कब्जे वाले तथाकथित 'गिलगित-बाल्टिस्तान' में स्थिति को बदलने के लिए पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह शुरू से ही अमान्य है।
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भारत का कहना है कि रणनीतिक रूप से गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, 'हमने 15 नवंबर, 2020 को होने वाले तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए चुनावों की घोषणा के बारे में रिपोर्ट देखी है। हम पाकिस्तान के इस कदम पर कड़ा विरोध जताते हैं।
बयान में कहा गया कि भारत इस बात को फिर से दोहराता है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ गिलगित-बाल्टिस्तान का क्षेत्र 1947 से ही भारत का अभिन्न अंग हैं। पाकिस्तान सरकार का अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है।