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जर्मनी में बच्चों का टीकाकरण अनिवार्य, नहीं लगवाने पर देना होगा 2 लाख रुपये का जुर्माना

Fri, 19 Jul 2019 03:59 PM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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जर्मनी सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण को जरुरी बना दिया गया है। चांसलर एंजेला मर्केल के प्रशासन ने संसद में एक बिल पेश किया है। इसके तहत बच्चों को स्कूल में दाखिले से पहले माता-पिता के लिए उनका वैक्सीन (टीकाकरण) कराना जरुरी होगा। ऐसा न होने पर अभिभावकों पर 2500 यूरो (करीब 2 लाख रुपए) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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यदि जर्मन संसद विधेयक को मंजूरी दे देती है, तो माता-पिता को यह प्रमाण देने की आवश्यकता होगी कि उनके बच्चे को नामांकित होने से पहले टीका लगाया गया है, और ऐसा करने में विफल रहने पर भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पान ने एक बयान में कहा कि चाहे बच्चे घर पर हो या स्कूलों में हम सभी बच्चों को खसरे के संक्रमण से बचाना चाहते हैं।

'यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल' के अनुसार, जर्मनी में इस साल मार्च 2018 से फरवरी के बीच 651 खसरे के मामलों को दर्ज किया गया है। जर्मनी में 2019 में जून के मध्य तक 429 मामले दर्ज किए गए है।
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खसरा एक अति संक्रामक रोग है जो वायरस के कारण होता है तथा संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर हवा में फैल सकता है। यह इस प्रकार भी फैल सकता है यदि कोई व्यक्ति सीधे संपर्क में आता है या समान वस्तुओं या सतहों को छूकर कीटाणुओं को साझा करता है। खसरे के लक्षणों में बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखों में पानी आना और लाल धब्बे दिखाई देना शामिल हैं।

खसरे से बचने के लिए वैक्सीन (टीकाकरण) की दो खुराक लेनी होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि 2017 में 97% जर्मन बच्चों ने पहली खुराक ली थी, जबकि दूसरी खुराक घटकर सिर्फ 93% बच्चों तक रह गई। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को प्रतिरक्षात्मक बनाने के लिए लगभग 95% लोगों को टीका लगाया जाना चाहिए।
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नीति के तहत, माता-पिता को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके बच्चे को दोनों टीकाकरण प्राप्त हुए हैं।

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