जर्मन फेडरल एनवॉयरमेंट एजेंसी के अनुसार नए साल के स्वागत के दिन आतिशबाजी से एक रात में पांच हजार टन प्रदूषित कण पर्यावरण में घुल जाता है। ये दो महीने में ट्रैफिक के चलते होने वाले प्रदूषण के बराबर है। जर्मनी के 30 शहरों और नगर निकाय क्षेत्रों जिनमें राजधानी बर्लिन समेत हैमबर्ग, म्यूनिख, और कोलोग्ने में आतिशबाजी पर आशिंक या पूर्ण रूप से प्रतिबंध है।
365 दिन स्वच्छ हवा चाहते हैं
जर्मनी में सुपर मार्केट का और आतिशबाजी दुकानों संचालन करने वाले उली बुडनिक का कहना है कि ‘हमने नए साल के आगमन से ऐन पहले अच्छा फैसला किया है। हम चाहते हैं कि हर इंसान और पशु स्वस्थ रहे। सभी को 365 दिन स्वच्छ हवा मिले इसी को देखते हुए इस बार हम पटाखों की बित्री नहीं करेंगे।’
महिलाएं बोलीं आतिशबाजी खतरनाक
नए साल पर होने वाली आतिशबाजी को 79 फीसदी लोगों ने खतरनाक माना। वहीं 84 फीसदी महिलाओं ने आतिशबाजी को घातक और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। वहीं 10 में से सात लोगों ने माना कि आतिशबाजी काफी महंगी है और उसकी तेज आवाज 43 फीसदी लोगों की परेशानी का सबब है।
आज से शुरू होगी बिक्री
शनिवार से जर्मनी में रॉकेट और बड़े पटाखों की बिक्री शुरू होगी। छोटे पटाखों की बिक्री हर साल होती है लेकिन कुछ चुनिंदा दुकानों से ही खरीद सकते हैं। ये पटाखे दिसंबर के आखिरी तीन दिन ही जलाए जाएंगे।