फ्रेडरिक मर्ज जर्मनी के नए चांसलर बन गए हैं। बता दें कि, मंगलवार दोपहर संसद में वोटिंग के बाद चांसलर चुना गया। हालांकि सुबह हुए पहले वोट में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन दोपहर में हुए 'दूसरे मौके' के वोट में मर्ज ने 325 वोट हासिल किए, जबकि 289 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट दिया।
जर्मन रूढ़िवादी नेता फ्रेडरिक मर्ज को मंगलवार को संसद की तरफ से दूसरे दौर के मतदान में चांसलर चुना गया। सेंट्रल-वाम सोशल डेमोक्रेट्स के साथ उनके नए गठबंधन को पहले प्रयास में आश्चर्यजनक हार का सामना करना पड़ा था। फ्रेडरिक मर्ज ने भी अपनी नई जिम्मेदारी संभालते हुए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मैं जर्मनी के चांसलर पद के लिए चुने जाने को कृतज्ञता और सम्मान के साथ स्वीकार करता हूं। मैं साहस और आत्मविश्वास के साथ अपना काम करूंगा, क्योंकि हमारा देश मजबूत है और इससे भी ज्यादा कर सकता है!'
पीएम मोदी ने फेडरिक मर्ज को दी बधाई
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रेडरिक मर्ज को जर्मनी का नया फेडरल चांसलर बनने पर दिल से बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि वे चांसलर मर्ज़ के साथ मिलकर भारत और जर्मनी के रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'जर्मनी के फेडरल चांसलर का पद संभालने पर फेडरिक मर्ज को हार्दिक बधाई। मैं भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।'
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कैसे बने चांसलर?
एक की रिपोर्ट के मुताबिक, मर्ज को मंगलवार दोपहर संसद में वोटिंग के बाद चांसलर चुना गया। हालांकि सुबह हुए पहले वोट में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन दोपहर में हुए 'दूसरे मौके' के वोट में मर्ज ने 325 वोट हासिल किए, जबकि 289 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट दिया। यह जानकारी जर्मनी के मीडिया संस्थान डीडब्ल्यू ने दी है।
फ्रेडरिक मर्ज का सफरनामा
फ्रेडरिक मर्ज का जन्म 11 नवंबर 1955 को जर्मनी के ब्रिलॉन शहर में हुआ था। वे 1972 से क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के सदस्य हैं। मर्ज ने 1975 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में सेवा दी और फिर कानून और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की। 1989 में वे यूरोपीय संसद के सदस्य बने और 1994 तक इस पद पर रहे। इसके बाद वे जर्मनी की संसद (बुंडेस्टाग) में चुनकर आए और कई बड़े पदों पर रहे। मर्ज सीडीयू / सीएसयू दल के नेता भी रह चुके हैं और 2022 में उन्हें सीडीयू पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। 2021 में वे दोबारा संसद में लौटे और 2025 तक पार्टी के संसदीय दल के प्रमुख रहे। अब 6 मई 2025 को उन्होंने आधिकारिक रूप से जर्मनी के चांसलर पद की शपथ ली।