रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में शुक्रवार को रूसी सेना खेरसॉन इलाके से पीछे हट गई है। इसके बाद रूस ने घोषणा की कि यूक्रेनी शहर जेनिचेस्क अब खेरसॉन क्षेत्र की अस्थायी प्रशासनिक राजधानी होगी। एक अधिकारी अलेक्जेंडर फोमिन ने कहा कि जेनीचेस्क में सभी प्रमुख सरकारी एजेंसियां स्थित हैं, इसलिए इसको राजधानी बनाया गया है। वहीं जेनिचेस्क आजोव सागर पर एक बंदरगाह शहर है जो अपने रिसॉर्ट्स और अन्य पर्यटनों के लिए के लिए जाना जाता है।
बुधवार को, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने आदेश दिया कि रूसी सैनिक नीपर नदी के दाहिने किनारे से हट जाएं। रूसी सेना के शुक्रवार को पीछे हटने के बाद यूक्रेन के सैनिकों ने शुक्रवार को खेरसॉन में प्रवेश किया। वहीं यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने दक्षिणी शहर खेरसॉन से रूस के सैनिकों की वापसी को एक महत्वपूर्ण सफलता बताया और यूक्रेनी सेना की भी तारीफ की।
दिमित्रो कुलेबा ने एक ट्वीट में कहा कि यूक्रेन ने अभी एक और महत्वपूर्ण जीत हासिल कर साबित किया है कि रूस जो कुछ भी कहेगा या करेगा, यूक्रेन उससे जीत जाएगा। सोशल मीडिया पर कई वीडियो प्रसारित हो रहे हैं जिसमें यूक्रेन के लोग दक्षिणी शहर खेरसॉन में यूक्रेन की सेना का स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
फरवरी में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सैनिकों समेत हजारो नागरिकों की मौत चुकी है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है, दक्षिणी यूक्रेनी शहर मायकोलाइव में एक अपार्टमेंट इमारत पर रूसी रॉकेट हमले से छह लोग मारे गए हैं।
वहीं जब से रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण करना शुरू किया तभी से अमेरिका, यूक्रेन की मदद कर रहा है। अमेरिका ने यू्क्रेन को सैन्य सहायता प्रदान की है। 10 नवंबर को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बताया था कि यूक्रेन को 400 मिलियन अमरीकी डॉलर की नवीनतम सैन्य सहायता प्रदान की गई है।
खेरसॉन चार यूक्रेनी क्षेत्रों में से एक था जिसे सितंबर में रूस द्वारा 'अवैध रूप से' कब्जा कर लिया गया था। आठ महीने पहले शुरू हुए रूस-यूक्रेन संघर्ष ने यूरोप को झकझोर कर रख दिया है। दुनियाभर के देश बढ़ती महंगाई और मंदी के लिए रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को बता रहे हैं। वहीं अभी तक कुछ पता नहीं है कि युद्ध कब रुकेगा।