रूसी जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने शुक्रवार को इग्नाट कुजिन नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी कुजिन ने वो कार को खरीदी थी जिसका इस्तेमाल जनरल मोस्कलिक की हत्या में किया गया था।
रूस की शीर्ष सुरक्षा और खुफिया सेवा ने शुक्रवार को एक रूसी जनरल की हत्या में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के मुख्य संचालन विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक को बालाशिखा के पास उनके घर के बाहर कार बम से मार डाला गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोस्कालिक की हत्या ऐसे समय में की गई है जब वे यूक्रेन शांति वार्ता में शामिल होने वाले थे।
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गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान
मामले में जानकारी देते हुए संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने बताया कि हत्या मामले में यूक्रेन में रहने का परमिट रखने वाला इग्नाट कुजिन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुजिन ने वो कार को खरीदी थी जिसका इस्तेमाल जनरल मोस्कलिक की हत्या में किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने बम के पुर्जे एक कैश से निकाले और उन्हें मोस्कलिक की कार में रख दिया, जिससे उनकी हत्या की गई। हालांकि पहले की रिपोर्टों में यह कहा गया था कि इग्नाट कुज़िन यूक्रेनी गुप्त सेवा, SBU के निर्देश पर काम कर रहा था।
कैसे हुई हत्या, जाने पूरी घटना
बता दें कि यारोस्लाव मोस्कालिक रूसी सशस्त्र बलों में मुख्य अभियान निदेशालय के उपप्रमुख थे। उनकी मौत मॉस्को के बाहरी क्षेत्र में स्थित बालाशिखा शहर में हुई। उनकी हत्या के लिए पार्किंग में खड़ी एक कार में आईईडी लगाया गया था। जैसे ही मोस्कालिक इस कार के पास से गुजरे इसमें विस्फोट कर दिया गया। यह हत्या चौंकाने वाली इसलिए है, क्योंकि मोस्कालिक इसी क्षेत्र में रहते थे और इस उच्च संवेदनशील राजनयिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में अक्सर टहलने के लिए निकलते थे। यानी हमलावरों ने उनके मूवमेंट्स को ट्रैक किया, और उसके बाद बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी।
रूसी अधिकारियों के हत्या का मामला
गौरतलब है कि मोस्कलिक की हत्या के साथ ही वह रूस के दूसरे प्रमुख जनरल थे जिनकी हत्या यूक्रेनी एजेंटों ने की। पिछले साल दिसंबर में भी रूस के परमाणु, जैविक और रासायनिक सुरक्षा बलों के प्रमुख, जनरल इगोर किरिलोव और उनके सहयोगी को भी यूक्रेनी एजेंटों ने मारा था। किरिलोव की हमले में एक IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया था, जो उनके अपार्टमेंट के पास इलेक्ट्रिक स्कूटर पार्क में हुआ था। यूक्रेन की एसबीयू सुरक्षा सेवा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।