मिस्र के अधिकारी ने मामले में क्या कहा?
मिस्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बंधकों की रिहाई और इस्राइल की जेलों में बंद सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के लिए बातचीत चल रही है। अरब मध्यस्थ फलस्तीनियों के बीच एक व्यापक संवाद की भी तैयारी कर रहे हैं, ताकि गाजा के भविष्य पर एकजुट भूमिका बन सके।
हमास ने भी जताई सहमति
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को गाजा के दूसरे सबसे शक्तिशाली मिलिशिया संगठन फलस्तीन इस्लामिक जिहाद ने भी हमास की ट्रंप योजना पर सहमति जताई, जबकि कुछ दिन पहले उसने इसे अस्वीकार किया था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि लगभग दो साल के इस इस्राइल-हमास युद्ध में अब तक 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे करीब आधे हैं। यह आंकड़ा सबसे विश्वसनीय माना जाता है।
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क्या है ट्रंप की योजना, पहले समझिए
फिलहाल, ट्रंप की योजना के तहत हमास तीन दिनों में 48 बचे हुए बंधकों को छोड़ देगा, जिनमें से करीब 20 जिंदा माने जाते हैं। इसके अलावा, हमास को सत्ता छोड़नी होगी और हथियार डालने होंगे। बदले में इस्राइल अपनी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा, कई क्षेत्रों से पीछे हटेगा, सैकड़ों कैदियों को रिहा करेगा और मानवीय मदद तथा पुनर्निर्माण की अनुमति देगा।
हालांकि, हमास ने हथियार डालने पर कोई स्पष्ट बात नहीं की है और कुछ मुद्दों पर फलस्तीनियों के बीच आगे सलाह-मशविरा जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास की इस 'हां, लेकिन,' वाली नीति पुरानी मांगों को नरम भाषा में पेश करने जैसी है और असल में हालात में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।