जापान के ओसाका में आयोजित जी-20 समिट का औपचारिक समापन हो गया है। इसके खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वह करीब शाम साढ़े सात बजे दिल्ली पहुंचे। सम्मेलन के अंतिम सत्र में पीएम मोदी ने जी-20 के सदस्य देशों को वैश्विक आपदा प्रबंधन गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आपदा में जल्दी और प्रभावी कदम उठाने की जरुरत होती है क्योंकि इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों का होता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंडोनेशिया, ब्राजील, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और चिली के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और व्यापार, आतंकवाद से लड़ाई, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और खेल जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मोदी दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए जापान के ओसाका में थे। उन्होंने शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन अपनी पहली आधिकारिक वार्ता इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ की।
दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और समुद्री क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत एक महत्वपूर्ण मित्र के साथ मुलाकात से। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-इंडोनेशिया सहयोग को गहरा करने के तौर-तरीकों पर राष्ट्रपति जोकोवि (जोको विडोडो) से वार्ता की।’’
पीएम मोदी का संदेश
जी20 के गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना निवेश एवं विकास कॉरपोरेशन सत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन अवसंरचना की आवश्यकता सिर्फ विकास के लिए ही नहीं है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भी यह आवश्यक है। इस संबंध में मैं ब्यूनस आयर्स में जी20 की बैठक में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की जरूरत पर जोर दे रहा हूं।
उन्होंने जी20 देशों को आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया।
उन्होंने ट्वीट किया कि आपदा, प्राकृतिक या मानव जनित, दोनों ही में त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की जरुरत होती है। इससे सबसे ज्यादा गरीब प्रभावित होते हैं। जी20 सम्मेलन में अन्य देशों को आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया।
शनिवार सुबह पीएम मोदी ने समिट के इतर इंडोनेशिया और ब्राजील के राष्ट्रपतियों से अलग-अलग बैठक की और द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने, व्यापार तथा निवेश में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने व्यापार तथा निवेश, रक्षा एवं समुद्री मोर्चों पर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जी-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन मोदी की यह पहली आधिकारिक बैठक थी। यह दो दिवसीय सम्मेलन 29 जून को समाप्त होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि जी-20 शिखर सम्मेलन में दूसरे दिन की शुरुआत एक मूल्यवान मित्र से मुलाकात के साथ। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ भारत-इंडोनेशिया सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ एक फलदायी बैठक की। व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्र, अंतरिक्ष और हिंद-प्रशांत पर सहयोग के विस्तार पर चर्चा की।' इसके तुरंत बाद ही मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो से मुलाकात की।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के शेरपा नियुक्त हुए सुरेश प्रभु ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इस बात का समर्थन करता रहा है कि हमें वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी उपायों की आवश्यकता है। इसलिए सभी जी 20 देशों को आर्थिक अपराध के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।'