शनिवार रात से रविवार सुबह तक सीरिया में दो जिलों में हिंसा फिर से भड़क उठी, जिससे पहले से ही नाजुक संघर्षविराम को झटका लगा है। यह हिंसा तब हुई, जब अंतरिम सरकार देशभर में नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है। उत्तर सीरिया में सरकार समर्थक लड़ाकों का सामना कुर्द लड़ाकों से हुआ, जो उस इलाके पर नियंत्रण रखते हैं। वहीं, दक्षिण के स्वेदा प्रांत में ड्रूज समुदाय के लड़ाकों के साथ टकराव हुआ।
ये झड़पें ऐसे समय में हुई हैं, जब सीरिया की अंतरिम सरकार पिछले महीने ड्रूज गुट के साथ हुई झड़पों के बाद स्वेदा प्रांत में एक संघर्षविराम बनाए रखने की कोशिश कर रही है। साथ ही, वह अमेरिका समर्थित और कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के साथ एक समझौते को लागू करने की कोशिश कर रही है, जिससे पूर्वोत्तर सीरिया के बड़े हिस्सों को देश के बाकी हिस्सों के साथ फिर से जोड़ा जा सके।
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सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने दिसंबर में बशर अल-असद की सरकार को हटाकर सत्ता संभाली थी। इसके बाद से वह पूरे देश पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विपक्षी दल और धार्मिक-जातीय अल्पसंख्यक उनके इस्लामी झुकाव और चरमपंथी संगठनों से जुड़ाव को लेकर चिंतित हैं।
सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, स्वेदा प्रांत में ड्रूज मिलिशिया ने शनिवार को सरकारी सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। इस हमले के बाद सरकार ने कहा कि संघर्षविराम टूट चुका है। रक्षा मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, इस झड़प में एक ड्रूज लड़ाके की भी मौत हुई और नौ अन्य घायल हो गए। ये झड़पें स्वेदा प्रांत के पश्चिमी हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तल अल-हदीद पहाड़ियों में हुईं, जो पास के डेरा प्रांत पर नजर रखती हैं।
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सरकारी मीडिया का कहना है कि स्वेदा शहर में राहत सामग्री भेजी जा रही है, लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। जुलाई में ड्रूज और बेदुइन लड़ाकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद से वहां की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि शहर की सड़कें पूरी तरह खोली जाएं, क्योंकि जो मदद पहुंची है, वह काफी नहीं है।
इन झड़पों में हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। स्वेदा में महीनों से दमिश्क और स्थानीय समुदाय के बीच तनाव चल रहा था, जो अब खुलकर हिंसा में बदल गया है। ड्रूज समुदाय पर विशेष रूप से हमले किए गए, जिससे उनका भरोसा टूट गया है। जवाब में ड्रूज लड़ाकों ने पश्चिमी स्वेदा में रहने वाले बेदुइनों पर हमले किए, जिससे वे लोग डेरा प्रांत की ओर भाग गए।