इस्राइली मंत्री की फ्रांस में एंट्री बैन।
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फ्रांस ने इस्राइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उनके देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। फ्रांस ने यह कार्रवाई गाजा फ्लोटिला के बंदियों के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार और विवादित वीडियो सामने आने के बाद की है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि बेन-गविर का व्यवहार अकल्पनीय और अस्वीकार्य था। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी और यूरोपीय नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब ऐसा किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किया गया हो।
फ्लोटिला बंदियों के साथ वीडियो बना विवाद की वजह
दरअसल, इस सप्ताह इतामार बेन-गविर द्वारा साझा किए गए कुछ वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी। एक वीडियो में वह हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के ऊपर बड़ा इस्राइली झंडा लहराते दिखाई दिए। वहीं दूसरे वीडियो में वह एक बंदी के सामने खड़े होकर "Am Yisrael Chai" यानी इस्राइल राष्ट्र जीवित है कहते नजर आए।
एक अन्य वीडियो में कई बंदियों को जमीन पर झुकाकर बैठाया गया था, जबकि आसपास हथियारबंद सुरक्षाकर्मी मौजूद थे और इस्राइल का राष्ट्रगान बज रहा था। इन वीडियो के सामने आने के बाद मानवाधिकार संगठनों और कई देशों ने कड़ी आलोचना की।
फ्रांस ने यूरोपीय संघ से भी कार्रवाई की मांग की
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि केवल फ्रांस ही नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ को भी बेन-गविर के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों में हिरासत में लिए गए लोगों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि फ्रांस ने फ्लोटिला अभियान की भी आलोचना की। बारो ने कहा कि इस तरह के मिशन से कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं निकलता और इससे राजनयिक सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है।
अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोकी गई थी फ्लोटिला
बताया जा रहा है कि करीब 50 नौकाओं वाले इस फ्लोटिला को इस्राइली बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोका था। यह काफिला गाजा की ओर बढ़ रहा था और इस्राइल की नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती देने की कोशिश कर रहा था। फ्लोटिला में शामिल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। कुछ लोगों ने मारपीट, टेजर और हमला करने वाले कुत्तों के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए हैं।
पोलैंड ने भी लगाया पांच साल का प्रतिबंध
फ्रांस से पहले पोलैंड भी इतामार बेन-गविर के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। पोलैंड ने उन पर पांच साल का प्रवेश प्रतिबंध लगाया है। पोलैंड के विदेश मंत्री राडेक सिकोर्स्की ने कहा कि लोकतांत्रिक दुनिया में हिरासत में लिए गए लोगों का मजाक उड़ाना और उन्हें अपमानित करना स्वीकार्य नहीं हो सकता।