अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सलाहकार जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उत्तर कोरिया नीति की तीखी आलोचना की। साथ ही उत्तर कोरिया से संभावित खतरे को लेकर आगाह किया है। ट्रंप की उत्तर कोरियाई नीति को लेकर बढ़ते असंतोष के बाद बोल्टन ने सितंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद से इस्तीफा दिया था। बोल्टन ने ट्वीट किया, अमेरिकी सेनाओं और हमारे सहयोगियों पर खतरा मंडरा रहा है।
उत्तर कोरिया के पास अमेरिकी सरजमीं को खतरा पहुंचाने वाली तकनीक आए, इससे पहले और प्रभावी नीति की आवश्यकता है। एक साक्षात्कार में बोल्टन ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि ट्रंप प्रशासन का उत्तर कोरिया को परमाणु संपन्न देश बनने से रोकने का इरादा नहीं है वरना वो ‘अलग रास्ता’ अख्तियार करता। बोल्टन ने ट्रंप के उस बयान की आलोचना भी की, जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया की छोटी दूरी की मिसाइल परीक्षण उनके लिए चिंता का सबब नहीं है।
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया के नेताओं ने की बैठक
उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के ‘क्रिसमस का उपहार’ वाली धमकी के बीच चीन ने मंगलवार को एक सम्मेलन में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की मेजबानी की। किम की धमकी के चलते के चलते उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ सकता है।
विश्लेषकों और अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि किम का ‘क्रिसमस उपहार’ मिसाइल परीक्षण हो सकता है। सम्मेलन में चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग ने उम्मीद जताई कि तीनों देशों के बीच सहयोग से ‘क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता की रक्षा होगी।