पूर्व पोप बेनेडिक्ट 16वें कुछ समय से बीमार थे। उम्र बढ़ने के कारण उनकी सेहत में गिरावट आई थी। वह करीब आठ साल तक रोमन कैथोलिक चर्च के पोप थे। उन्होंने 2013 में पद छोड़ दिया था और सन 1415 में ग्रेगरी XII के बाद इस्तीफा देने वाले पहले पोप बने थे।
पूर्व कैथोलिक पोप बेनेडिक्ट 16वें का शनिवार को वेटिकन सिटी में निधन हो गया। उन्होंने 95 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वेटिकन चर्च के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि हमें दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि पूर्व पोप बेनेडिक्ट 16वें का आज सुबह 9:34 बजे वेटिकन के मैटर एक्लेसिया मठ में निधन हो गया। बेनेडिक्ट 16वें के निधन पर वेटिकन सिटी के पोप फ्रांसिस ने कहा कि वह अक्सर उनसे मिलने जाया करते थे।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेनेडिक्ट 16वें कुछ समय से बीमार थे। उम्र बढ़ने के कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई थी। पोप फ्रांसिस ने बुधवार को वेटिकन में आम दर्शकों से बेनेडिक्ट 16वें के लिए विशेष प्रार्थना करने की अपील की थी। पोप फ्रांसिस ने कहा था कि हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि वो अंत तक चर्च पर अपनी कृपा बनाए रखें।
बेनेडिक्ट 16वें का जन्म जर्मनी में हुआ था और उनका बचपन का नाम जोसेफ रैत्जिंगर (Joseph Ratzinger) थी। बेनेडिक्ट को 2005 में वेटिकन सिटी का पोप चुना गया था। उस समय उनकी उम्र 78 वर्ष की थी और वह सबसे उम्रदराज पोप में से एक थे। वह करीब आठ साल तक रोमन कैथोलिक चर्च के पोप थे। उन्होंने 2013 में पद छोड़ दिया था और सन 1415 में ग्रेगरी XII के बाद इस्तीफा देने वाले पहले पोप बने थे। उन्होंने यूरोप में ईसाई धर्म को फिर से जगाने की कोशिश की थी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेनेडिक्ट सोलहवें के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि पूर्व कैथोलिक पोप को समाज के लिए उनकी बहुमूल्य सेवा के लिए याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, पोप एमेरिटस बेनेडिक्ट सोलहवें के निधन से दुखी हूं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन चर्च और ईसा मसीह की शिक्षाओं के लिए समर्पित कर दिया। उन्हें समाज के लिए उनकी बहुमूल्य सेवा के लिए याद किया जाएगा। मेरी संवेदनाएं दुनियाभर के उन लाखों लोगों के साथ हैं, जो उनके निधन से दुखी हैं।