पाकिस्तान जारी विवाद के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अब सीधे सेना और न्यायपालिका पर हमला बोला है। अब तक पीटीआई के समर्थक सोशल मीडिया पर या परोक्ष रूप से इन दोनों संस्थाओं को निशाना बना रहे थे। इससे आहत सेना के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई थी। दोनों ने कहा था कि हाल की राजनीतिक घटनाओं में उनका रुख न्यूट्रल यानी तटस्थ का रहा है। लेकिन अब पीटीआई ने साफ इल्जाम लगाया है कि ‘न्यूट्रल’ संस्थाएं आर्थिक और लोकतांत्रिक मोर्चों पर पाकिस्तान को पटरी से उतारने की साजिश में शामिल हुईं।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक पीटीआई के रुख से साफ है कि उसने सेना से भी टकराने का मन बना लिया है। यह पाकिस्तान की राजनीति में अभूतपूर्व बात है। इस बीच इमरान खान ने चेतावनी दी है कि अगर देश में जल्द नए आम चुनाव का एलान नहीं किया गया, तो ‘लोगों का ऐसा समुद्र’ आएगा, जो ‘सब कुछ बहा ले जाएगा।’ इमरान खान ने ये बात सरकार के यह बयान देने के एक दिन बाद ही कही कि इमरान खान को अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इमरान खान ने घोषणा कर रखी है कि वे 20 मई के बाद किसी भी दिन अपने समर्थकों से इस्लामाबाद के लिए कूच करने की अपील करेंगे। शाहबाज शरीफ सरकार उनके इस कार्यक्रम से परेशान है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ अपने वरिष्ठ मंत्रियों को लेकर अपने बड़े भाई और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलने लंदन गए थे। वहां इमरान के इस अभियान को रोकने के तरीकों पर खास विचार किया गया। उसके बाद ही नवाज शरीफ की बेटी और मौजूदा सरकार में मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा था कि इमरान खान को लोगों का हुजूम इस्लामाबाद लाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जरूरी हुआ तो इसके लिए इमरान खान को गिरफ्तार भी किया जाएगा।
लेकिन इस धमकी से पीटीआई का रुख और आक्रामक हो जाने के संकेत हैं। इमरान खान ने अब कहा है कि वे लोगों को राजनीति के लिए नहीं, बल्कि ‘क्रांति’ करने के लिए बुला रहे हैं। उन्होंने मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के तीन प्रमुख नेताओं शाहबाज शरीफ, आसिफ अली जरदारी और मौलाना फजलुर रहमान को नवाज शरीफ की ‘तीन कठपुतलियां’ बताया और कहा कि ये सभी अमेरिका के गुलाम हैं।