पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को सत्ता को लोभी करार दिया है। उन्होंने कहा, 'इतिहास में हर तानाशाही ने न्यायाधीशों को अपने साथ मिलाया है। आज डरपोक जजों की वजह से पाकिस्तान में कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है।'
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान ने जेल से बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को 'सत्ता लोभी' बताते हुए आरोप लगाया कि देश में इस समय 'सबसे खराब तानाशाही' चल रही है। 72 वर्षीय इमरान खान पिछले दो साल से कई मामलों में जेल में बंद हैं और इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में सजा काट रहे हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने देश पर पूरी तरह से कब्जा कर रखा है और वही असली शासक हैं।
9 मई की हिंसा पर निशाना
इमरान खान ने कहा कि 9 मई, 2023 की घटनाओं के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया, लेकिन असल जिम्मेदार आसिम मुनीर हैं। उनका दावा है कि मुनीर ने ही उस दिन का पूरा घटनाक्रम रचा और सीसीटीवी फुटेज तक गायब कर दिया। 'आज 9 मई ही आसिम मुनीर की बीमा पॉलिसी बन गई है।'
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परिवार पर अत्याचार का आरोप
इस दौरान इमरान खान ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बाद से उनके रिश्तेदारों तक को नहीं छोड़ा गया। उनके दो भतीजों को अगवा कर लिया गया जबकि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें खुद पूरी तरह एकांत कारावास में रखा गया है, जहां तीन महीने में सिर्फ तीन मुलाकातों की इजाजत मिली। वकीलों और परिवार से मिलने तक पर रोक है। इमरान खान ने यह भी दावा किया कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी को पिछले आठ महीनों से अकेलेपन में रखा गया है। 'उन्हें बिजली के झटके दिए गए, उनके शरीर पर चोटों के निशान हैं, गंदा पानी इस्तेमाल करने को दिया जा रहा है। यह सब आसिम मुनीर के आदेश पर हो रहा है।'
लोकतंत्र और संस्थाओं पर हमला
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में कोई हाइब्रिड सिस्टम नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे 'आसिम मुनीर की तानाशाही' है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसी वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को नहीं, बल्कि सेना प्रमुख मुनीर को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि देश की संस्थाएं बर्बाद कर दी गई हैं। न्यायपालिका को झुकाया जा चुका है, मीडिया की आवाज दबा दी गई है और पुलिस को अपराधियों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
आर्थिक हालात और संघर्ष का संकल्प
इमरान खान ने सेना की अगुवाई में बनी विशेष निवेश परिषद को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि जब तक देश में कानून का राज बहाल नहीं होगा, अर्थव्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। इमरान खान ने आखिरी में कहा कि चाहे उन पर कितना भी दबाव बनाया जाए, चाहे उनके परिवार को कितनी भी मुश्किलों में डाला जाए, वे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने एलान किया 'मैं हर हाल में असली आजादी की लड़ाई जारी रखूंगा।'