पाकिस्तान के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने कराची स्थित एक अंतरराष्ट्रीय रेस्त्रां में समय पर भोजन न परोसने पर तोड़फोड़ की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस अधिकारी रेस्त्रां बंद होते समय वहां पहुंचा और भोजन परोसने के लिए मजबूर करने लगा। भोजन देने से इनकार करने पर उसने तोड़फोड़ और कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ के साथ मारपीट की
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, "रेस्त्रां प्रबंधन ने बताया कि आरोपी इनामुल्लाह शाम 5 बजे रेस्त्रां के बंद होने के समय वहां पहुंचा। उसने कर्मचारियों से भोजन परोसने के लिए मजबूर किया और मना करने पर उसने सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ के सदस्यों को बेरहमी से प्रताड़ित किया।"
रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि इनामुल्लाह पर शहर के अंतरराष्ट्रीय फास्ट फूड रेस्त्रां की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए मामला दर्ज किया गया है। एक समाचार चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पूर्व पुलिसकर्मी को इससे पहले उसी पुलिस पुलिस स्टेशन में एक अन्य मामले में भी आरोपित किया गया था।
पुलिस अधिकारी अमजद अली ने बताया कि वह नियमित गश्त पर थे, तभी उन्होंने दो पक्षों में रॉड, पत्थरों और शारीरिक लड़ाई होते हुए देखा।
इस्लामाबाद में भी महिला से छेड़छाड़ का वीडियो आया था सामने
इससे कुछ दिन पहले पाकिस्तान के ही एक टीवी चैनल ने एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया था। यह राजधानी इस्लामाबाद का वीडियो था। वीडियो में देखा गया था कि एक बुर्का पहनी महिला को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा परेशान किया गया। राह चलती महिला के साथ पीछे से छेड़खानी की गई थी। वीडियो में महिला को पुरुष को अपने से दूर करने के लिए संघर्ष करते हुए देखा गया था। महिला को परेशान करने के बाद व्यक्ति भागते हुए नजर आया था।
कार्यस्थल पर उत्पीड़न का शिकार हैं 70 प्रतिशत महिलाएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं अपने कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकार हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन 'व्हाइट रिबन पाकिस्तान' द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2004 और 2016 के बीच 4,734 महिलाओं ने यौन हिंसा का सामना किया।
हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने 'कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ संरक्षण (संशोधन विधेयक), 2022' पारित किया है। इसमें 2010 के कमजोर कानून-प्रावधानों का संशोधन किया गया है।
पाकिस्तान में हाल के वर्षों में कुल कामकाजी महिलाओं का अनुपात बढ़ा है लेकिन देश, महिलाओं के मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न के मुद्दे से जूझ रहा है, जो उन्हें काम पर बाहर जाने से रोकता है।