पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी पर गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में (साइफर मामले में) 12 दिसंबर को फिर आरोप तय किए जाएंगे। देश की एक विशेष अदालत ने फैसला सुनाया है।
जेल की सुनवाई को अवैध घोषित किया
इमरान खान और कुरैशी के खिलाफ जेल में सुनवाई शनिवार को शुरू हुई जब इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले महीने एक फैसले में प्रक्रियात्मक आधार पर जेल की सुनवाई को अवैध घोषित कर दिया और इसकी कार्यवाही को भी रद्द कर दिया।
पीटीआई नेताओं के खिलाफ आरोप तय होंगे
न्यायाधीश जुल्केरनैन ने सोमवार को सुनवाई 12 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी और कहा कि उसी दिन पीटीआई नेताओं के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि विशेष अभियोजक जुल्फिकार अब्बास नकवी और रिजवान अब्बासी के साथ जेल में बंद नेताओं के परिवार के सदस्य और वकील सुनवाई में शामिल हुए। इनके अलावा, मीडिया के छह सदस्यों को कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी गई।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में खुली सुनवाई हुई
इससे पहले एक दिसंबर को पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इमरान खान के खिलाफ गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में रावलपिंडी की अदियाला जेल में खुली सुनवाई करने का फैसला किया था। बता दें, पीटीआई के पार्टी प्रमुख खान 26 सितंबर से उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। कुरैशी को भी साइफर (सीक्रेट डिप्लोमैटिक केबल) मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह इसी जेल में बंद है।