पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहायक मलिक अहमद खान ने दावा किया है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बानी गाला हाउस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का पक्ष लेने के लिए तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश पर दबाव बनाया था। पाक मीडिया के मुताबिक, मलिक ने कहा कि पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने बानी गाला हाउस मामले में पीटीआई पार्टी के अध्यक्ष खान को दोषमुक्त कर दिया गया था, क्योंकि बाजवा ने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार के फैसले को प्रभावित किया था।
मई, 2017 में राजधानी विकास प्राधिकरण (सीडीए) और इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (आईसीटी) प्रशासन ने पीटीआई प्रमुख इमरान खान के आवास सहित इस्लामाबाद के बानी गाला में 122 संपत्तियों को अवैध घोषित किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मलिक अहमद खान पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा के करीबी रहे हैं।
हालांकि रिटायर्ड जस्टिस निसार ने मलिक के दावे को बकवास और पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख बाजवा ने कभी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके फैसलों को प्रभावित नहीं किया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राजधानी शहर इस्लामाबाद में पूरा बानी गाला क्षेत्र को अवैध रूप से बनाया गया था, और यह मामला परिसर में सभी संपत्तियों को नियमित करने के बारे में था।
पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने मलिक के दावे का किया खंडन
वहीं, पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने भी मलिक अहमद खान के दावे का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख बाजवा पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को प्रभावित करने का आरोप लगाना गंभीर है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
इमरान खान के बानी गाला आवास को नियमित करने पर चौधरी ने कहा कि पीटीआई अध्यक्ष खान ने उस इलाके में अपना घर बनाया, जब इस तरह के निर्माण को नियमित करने के लिए कोई नियम नहीं थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में शीर्ष अदालत ने राजधानी विकास प्राधिकरण (सीडीए) को बानी गाला क्षेत्र में निर्माण को नियमित करने के लिए नियम बनाने का निर्देश दिया था।
वहीं, बाजवा के एक करीबी सूत्र ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने इस मामले में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश निसार या न्यायपालिका पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रमुख खुफिया अधिकारी ने 70 वर्षीय खान को अयोग्य करार दिए जाने से बचाया था।