जापानी कार निर्माता कंपनी निसान के पूर्व चेयरमैन कार्लोस घोसन को आठ महीनों में पहली बार अपनी पत्नी से बात करने की अनुमति मिलेगी। उनके परिवार ने बताया कि टोक्यो की अदालत ने दोनों के बीच बातचीत पर प्रतिबंध हटा दिया है।
परिवार ने इस अत्यधिक क्रूर और अमानवीय प्रतिबंध के लिए अपनी दलील दोहराते हुए दोनों के ‘मौलिक अधिकारों’ का सम्मान किए जाने की बात कही थी।
वित्तीय कदाचार के चार आरोपों पर लंबित मुकदमे की सुनवाई के लिए घोसन टोक्यो में जमानत पर हैं।
परिवार के एक प्रवक्ता ने पेरिस में गुरुवार देर रात जारी एक बयान में बताया कि टोक्यो जिला अदालत ने घोसन की कानूनी टीम की कई याचिकाओं के बावजूद घोसन को उनकी पत्नी कैरोल से बात करने से प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन अब दोनों एक घंटे के लिए वीडियो कांफ्रें सिंग के माध्यम से बात कर सकेंगे। इस दौरान उनके वकील वहां मौजूद रहेंगे।