बेहतर प्रदर्शन करती हैें महिला प्रधान फिल्में
- फोटो : WARNER BROS/EVERETT COLLECTION
महिला प्रधान फिल्मों पर हुए अध्ययन से खुलासा हुआ है कि ये फिल्में पुरुष प्रधान फिल्मों की अपेक्षा बेहतर प्रदर्शन करती हैं। अध्ययन में जनवरी 2014 से दिसंबर 2017 में रिलीज हुईं दुनियाभर की अच्छी कमाई करने वाली 350 फिल्मों को शामिल किया गया। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि चाहे फिल्म छोटे बजट की हो, मध्यम बजट की हो या फिर बड़े बजट की, अगर उसमें लीड रोल में महिला को जगह दी गई है तो वह अच्छी कमाई करती है।
यह अध्ययन टैलेंट एजेंसी, क्रिएटिव आर्टिस्ट एजेंसी और टेक कंपनी शिफ्ट 7 ने किया है। वहीं जो फिल्में बेचडेल टेस्ट से पास होती हैं, वह भी अधिक बेहतर प्रदर्शन करती हैं। इसका आविष्कार कार्टूनिस्ट, एलिसन बेकडेल ने किया है। जिसमें देखा जाता है कि अगर दो महिलाओं को किसी फिल्म में लिया गया है तो वह एक पुरुष के अलावा और किन विषयों पर बात करती हैं।
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि एक बिलियन डॉलर की कमाई करने वाली फिल्मों ने बेचडेल टेस्ट पास किया है। इस लिस्ट में स्टार वॉर्स, द फोर्स अवेकन्स, जुरेसिक वर्ल्ड और ब्यूटी एंड द बीस्ट हैं। इन सभी फिल्मों ने बेचडेल टेस्ट पास किया है।
खोज में ये भी पता चला है कि 100 मिलियन डॉलर में बनने वाली फिल्म ने अगर बेचडेल टेस्ट पास किया है तो वह दुनियाभर में 618 मिलियन डॉलर तक की कमाई करती है। वहीं जो फिल्में ये टेस्ट पास नहीं करतीं वह औसतन 413 मिलियन डॉलर की कमाई करती हैं।
इस रिसर्च में हिस्सा लेने वाले सीएए एजेंट क्रिस्टी हॉबेगर का कहना है कि आधे बॉक्स ऑफिस में महिलाएं हैं, फिर भी ये माना जाता है कि उनके लीड रोल वाली फिल्में अधिक सफल नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि "हमने पाया है कि डाटा लोगों की सोच का समर्थन नहीं करता है।"
अध्ययन में शामिल 350 फिल्मों में से महिला प्रधान फिल्मों के तौर पर 105 फिल्मों का नाम था। वहीं पुरुष प्रधान फिल्मों के तौर पर 245 फिल्मों का नाम था। बड़े बजट में बनी इन फिल्मों में यह एक काफी बड़ा अंतर है। वहीं जो फिल्में 100 मिलियन डॉलर से अधिक बजट में बनी हैं उनमें 75 पुरुष प्रधान और 19 महिला प्रधान हैं।