काल्पनिक खतरे गढ़ रहे पुतिन : व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि यूक्रेन पर हमले को सही ठहराने के लिए रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन काल्पनिक खतरे गढ़ रहे हैं जो अस्तित्व में नहीं हैं। साकी ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध ईरान पर लगाई गई पाबंदियों के समान हैं और इससे रूस की बैंकिंग व्यवस्था वैश्वक समुदाय से कट जाएगी। उन्होंने कहा, हमने उनके 80 प्रतिशत बैंकों और वित्तीय क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।
दक्षिण यूक्रेन में पांव पसारती रूसी फौज
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के दफ्तर ने जानकारी दी कि रविवार देर रात रूसी सैनिकों ने अजोव समुद्री तट पर स्थित एक लाख आबादी वाले बर्द्यांस्क शहर पर कब्जा कर लिया। अब रूसी फौज दक्षिण यूक्रेन के एक और शहर खेरसन की ओर बढ़ गई है।
सोवियत संघ वाला दबदबा चाहते हैं...
पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने कहा, पुतिन, जैसे-तैसे यूक्रेन की सरकार को बेदखल कर वहां अपनी मर्जी का शासन बनाकर क्षेत्र में रूस का सोवियत संघ के दौर वाला दबदबा कायम करना चाहते हैं। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा, उनकी सेना हर खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अगर पुतिन ने परमाणु युद्ध की तैयारियां बढ़ाईं या वह समंदर में पहले से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां तैनात करने जा रहे हैं तो अमेरिका भी जवाब देने के लिए मजबूर हो सकता है। -हैंस क्रिस्टेंसन, अमेरिका परमाणु विश्लेषक
रूस ने भारतीय मीडिया को बताया, हमले की खबरें कैसे दी जाएं
रूस ने अपनी मीडिया को यूक्रेन पर हमले की खबरों में हमला, जंग जैसे शब्द इस्तेमाल न करने और रूसी सेना को नुकसान की अनधिकृत खबरें न देने की हिदायतें जारी करने के बाद अब भारतीय मीडिया को बताया है कि इस संघर्ष की खबरें कैसे देना है। दिल्ली स्थित रूसी दूतावास ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर भारतीय मीडिया के लिए भी एडवाइजरी जारी की है।
इसमें दूतावास ने बताया है कि इस युद्ध के बारे में निष्पक्ष खबरें कैसे देनी हैं। दूतावास ने कहा, रूस ने यूक्रेन और उसके लोगों के खिलाफ युद्ध नहीं छेड़ा है बल्कि यूक्रेन के डोनबास में आठ साल के युद्ध को खत्म करने के लिए खास सैन्य अभियान चलाया है। इसका मकसद यूक्रेन के सैन्यीकरण और नव नाजीवाद को खत्म करना है। दूतावास ने यह भी कहा कि नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है।
रूसियों ने मां-बाप के सामने छह साल की बच्ची को गोली मार दी
मेरियूपोल शहर में रूसी सैनिकों ने एक कार में जा रही 6 साल की बच्ची को उसके मां-बाप के सामने ही गोली मार दी। डॉक्टरों ने बच्ची को सीपीआर दी, ऑक्सीजन पर रखा, लेकिन जान नहीं बच सकी। इस दौरान मां दुआएं मांगती रही।
रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। यूक्रेन से जहां लाखों लोग पलायन कर हंगरी, रोमानिया, पोलैंड और अन्य पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं और वहीं कुछ निहत्थे लोग भी रूसी सेना का मुकाबला कर रहे हैं। यूक्रेन में लोगों ने अब अपना जरूरी काम रोककर बम और राइफल बनाने का जिम्मा ले लिया है। कई जांबाज तो अपने हाथों से बारूदी सुरंग तक हटा रहे हैं।
- रूसी सेना यूक्रेन में चारों तरफ से आगे बढ़ रही है। खारकीव, निप्रो और ओडेसा जैसे बड़े शहरों में स्थानीय लोग रूसी टैंकों के सामने खड़े हो गए।
- कई जगह लोगों ने पेट्रोल बम बनाने का सामान एकत्र कर संघर्ष करने वाले नागरिकों को इसकी सप्लाई शुरू कर दी है। ल्वीव शहर में कई जगह रूसी सेना से मुकाबले के लिए स्थानीय नागरिकों ने राइफलों के साथ मोर्चा संभाल लिया है।
- दोनेस्क और लुहांस्क प्रांत में रूसी सेना के टैंक पूरे क्षेत्र में चक्कर लगाते देखे गए। यूक्रेन का दावा है कि इस संघर्ष में अब तक उसके 352 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है।
न्यूयॉर्क ने यूक्रेनियों के लिए रास्ते खोले
अमेरिका में न्यूयॉर्क प्रांत की कैथी होचुल सरकार ने अपने राज्य के रूस के साथ व्यापार से इनकार करने वाले एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए। न्यूयॉर्क के गवर्नर ने कहा कि हमारा राज्य यूक्रेनी नागरिकों का स्वागत करेगा। हम यूक्रेन के लोगों के लिए अपने दिल, अपने घर, अपने संसाधन खोल देंगे, हम आपके साथ खड़े हैं।