राष्ट्रीय साइबर अपराध एजेंसी ने राष्ट्रीय डेटाबेस पंजीकरण प्राधिकरण (एनएडीआरए) की अधिकारी हिना शेख को व्हाट्सएप ग्रुप में पाकिस्तान सेना की भारत के साथ सैन्य संघर्ष में भूमिका और पाकिस्तान सरकार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने पर गिरफ्तार किया।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना और पीएम शहबाज शरीफ की करतूतों की पोल खोलना एक महिला अधिकारी को भारी पड़ गया। एक व्हाट्सएप ग्रुप में महिला अधिकारी ने पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का विरोध किया तो पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया।
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महिला अधिकारी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध एजेंसी ने राष्ट्रीय डेटाबेस पंजीकरण प्राधिकरण (एनएडीआरए) की अधिकारी हिना शेख को व्हाट्सएप ग्रुप में पाकिस्तान सेना की भारत के साथ सैन्य संघर्ष में भूमिका और पाकिस्तान सरकार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम (पीईसीए) की धारा 20, 24, 24 (ए), 26 ए के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
इसमें लिखा गया कि महिला अधिकारी ने आम जनता को पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ भड़काया। हिना द्वारा किए गए कथित पोस्ट पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए राज्य की संस्थाओं और आम जनता के बीच दरार पैदा करने की शरारती कोशिश है। हिना ने अराजकता फैलाने, सामाजिक ताने-बाने में विभाजन पैदा करने तथा पाकिस्तान के लोगों के बीच नफरत फैलाने के नाम पर आम जनता को सरकार के खिलाफ अपराध करने के लिए उकसाया।
सरकार का विरोध करने पर धरपकड़
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने हाल ही में पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक पोस्ट करने के लिए कई सोशल मीडिया ब्लॉगर्स, पत्रकारों, नागरिक समाज के सदस्यों और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं को PECA के तहत गिरफ्तार किया है। पत्रकार संगठनों, नागरिक समाज और विपक्षी दलों ने PECA को कठोर कानून" करार दिया। साथ ही इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की।