फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: जज ने ट्रंप प्रशासन को दिया झटका, प्राकृतिक आपदाओं के लिए निर्धारित चार अरब डॉलर के पुनर्वितरण पर लगाई रोक

Wed, 06 Aug 2025 05:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बोस्टन

सार

बोस्टन के अमेरिकी जिला न्यायाधीश रिचर्ड जी स्टर्न्स ने ट्रंप प्रशासन को प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की सुरक्षा में मदद के लिए निर्धारित चार अरब डॉलर के पुनर्वितरण से रोक दिया है। न्यायाधीश ने यह फैसला डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले 20 राज्यों की मांग पर सुनाया है। 
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को एक संघीय न्यायाधीश से झटका लगा है। न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की सुरक्षा में मदद के लिए निर्धारित चार अरब डॉलर के पुनर्वितरण से रोक दिया। 

विज्ञापन


बोस्टन के अमेरिकी जिला न्यायाधीश रिचर्ड जी स्टर्न्स ने यह फैसला डेमोक्रेटिक नेतृत्व वाले 20 राज्यों की मांग पर सुनाया। उन्होंने कोर्ट से अपील की थी कि ट्रंप प्रशासन को इस पैसे को दूसरी जगह खर्च करने से रोका जाए। इन राज्यों का तर्क है कि संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (FEMA) के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि वह बिल्डिंग रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कम्युनिटीज कार्यक्रम को समाप्त कर दे और उसका पैसा कहीं और इस्तेमाल करे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में संभावित तूफानी क्षति के विरुद्ध बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। 

ये भी पढ़ें: US: 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए टास्क फोर्स गठित, ट्रंप का कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर
विज्ञापन


फेमा ने पहले कार्यक्रम को समाप्त करने की घोषणा की थी

फेमा ने पहले घोषणा की थी कि वह इस कार्यक्रम को समाप्त कर रहा है, लेकिन बाद में एक अदालती दस्तावेज में कहा कि वह अभी सिर्फ विचार कर रहा है। न्यायाधीश स्टर्न्स ने अपने फैसले में कहा कि जो भी दस्तावेज और सबूत हैं, उनसे लगता है कि फेमा ने असल में फैसला कर लिया है कि कार्यक्रम बंद कर दिया जाएगा, और अब वह उसी दिशा में बढ़ रहा है। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि फेमा ने नए प्रोजेक्ट्स के लिए पैसा देना बंद कर दिया है और साफ कर दिया है कि जो पैसा अब तक बांटा नहीं गया था, वह अब किसी भी राज्य या समुदाय के लिए नहीं मिलेगा। 

राज्यों ने कहा- कांग्रेस ने आवंटित किया था धन
राज्यों ने मुकदमे में कहा कि चूंकि यह पैसा कांग्रेस ने खास तौर पर आपदा-रोकथाम के लिए मंजूर किया था, इसलिए इसे दूसरी जगह खर्च करना संविधान के खिलाफ होगा। सरकार की वकील निकोल ओ'कॉनर ने कोर्ट में तर्क दिया कि फेमा को इस पैसे का इस्तेमाल किसी भी आपदा संबंधी काम के लिए करने की आजादी होनी चाहिए, चाहे वह आपदा के बाद मदद करना हो या पहले से तैयारी करना। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US: 2028 में ट्रंप के उत्तराधिकारी होंगे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रुबियो को भी मिल सकती है अहम जिम्मेदारी

कार्यक्रम ने कई आपदा परियोजनाओं को दिया अनुदान 
इस कार्यक्रम ने कई आपदा प्रबंधन परियोजनाओं के लिए अनुदान प्रदान किया है, जिनमें विद्युत ग्रिडों को मजबूत करना, बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंधों का निर्माण और संवेदनशील जल उपचार सुविधाओं का स्थानांतरण शामिल है। कई परियोजनाएं ग्रामीण इलाकों में हैं। कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन समेत राज्यों का तर्क है कि केवल धन खोने के खतरे ने ही कई परियोजनाओं को रद्द किए जाने के जोखिम में डाल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्यक्रम को समाप्त करना बेहद अविवेकपूर्ण होगा। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें