चीन तकनीक के विकास में आगे निकलने की होड़ में न तो कानून के शासन को मानता है, न ही निष्पक्ष व्यापार को और तो और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों की अवहेलना तक चीनी सरकार करती है। तकनीक के क्षेत्र में प्रभुत्व जमाने के लिए चीन झूठ बोलता है, धोखा देता है और चोरी तक करता आ रहा है। यह कहना है संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे का।
एफबीआई के निदेशक ने कहा कि चीनी सरकार झूठ बोलने, धोखा देने और चोरी करने के लिए पूरे प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में गलत तरीके से हावी होने, प्रतिस्पर्धी अमेरिकी कंपनियों को व्यवसाय से बाहर करने के लिए प्रयास कर रही है। निदेशक रे ने सोमवार को अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा आयोजित एक प्रेसवार्ता में यह टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने चीनी सरकार से जुड़े और आपराधिक गतिविधि में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात भी कही।
आरोपियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि आज हम जिन 13 की चर्चा कर रहे हैं उनमें से 10 चीनी खुफिया अधिकारी और चीनी सरकारी अधिकारी शामिल हैं। उन पर तीन अलग-अलग मामलों में आरोप लगाए गए हैं जो पहली नजर में मामले से असंबंधित लग सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैं वर्षों से बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि इनमें से प्रत्येक मामले में चीनी सरकार के अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खुलेआम उल्लंघन का पता चलता है, क्योंकि वे दुनिया भर में अपने सत्तावादी दृष्टिकोण को पेश करने के लिए काम करते हैं, जिसमें हमारी अपनी सीमाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने ताजा तीन मामलों का जिक्र करते कहा कि इनमें और हजारों अन्य मामलों में हमने पाया है कि चीनी सरकार स्थापित लोकतांत्रिक मानदंडों और कानून के शासन को चुनौती दे रही है, क्योंकि वे अमेरिकी आर्थिक सुरक्षा और मौलिक मानवाधिकारों को कमजोर करने के लिए काम करते हैं- जिनमें अमेरिकी भी शामिल हैं।