कृषि कानूनों के विरोध में देश की राजधानी में कई दिनों से किसान आंदोलन जारी है। किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन को विदेश से भी समर्थन मिल रहा है। हाल ही में भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने भारत में किसानों के मुद्दे का शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हल निकलने की उम्मीद जताई है। इस दौरान रो खन्ना ने कहा कि सरकार और आंदोलनरत किसानों के बीच बातचीत से वह प्रोत्साहित हैं।
44 वर्षीय रो खन्ना सिलिकॉन वैली से लगातार तीसरी बार कांग्रेस के लिए चुने गए हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘भारत और अमेरिका लोकतंत्र और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की समृद्ध परंपरा साझा करते हैं। किसान हमारे देशों की रीढ़ हैं और उनकी बातें सुनी जानी चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष समाधान निकलेगा। मैं चल रही बातचीत से प्रोत्साहित हूं।’’
कई और सांसदों ने भी आंदोलन पर अपने विचार रखे
रो खन्ना के अलावा अमेरिका के कई सांसदों ने किसान आंदोलन पर अपने विचार रखे हैं और कई ने इस पर चिंता भी व्यक्त की है। सांसद जॉन गरामेंडी ने कहा कि कांग्रेस में अमेरिकी सिख कॉकस का सह अध्यक्ष होने के नाते मेरे कार्यालय को भारत में कृषि कानून के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर भीषण कार्रवाई होने की जानकारी मिली है।
जॉन ने दो अन्य सांसदों के साथ अमेरिका में भारत के रातदूत तरणजीत संधू को इस सप्ताह की शुरुआत में एक पत्र लिखा था। पत्र में भारत सरकार से अहम लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं के प्रति सम्मान दिखाने और हिंद प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों का मॉडल बनने की अपील की गई थी।
अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल करेंगे किसान
बता दें कि देश भर के किसान संगठन केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने रविवार को एक बैठक की है। इस बैठक में फैसला लिया गया है कि किसान सिंधु, टिकरी, पलवल, गाजीपुर सहित सभी नाको पर सोमवार को अनशन पर बैठेंगे।