इस्राइल में दोबारा हुए आम चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के बाद निवर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को गठबंधन सरकार बनाने की चुनौतीपूर्ण कोशिश शुरू की। नेतन्याहू के पास गठबंधन सरकार बनाने के लिए छह सप्ताह का वक्त है लेकिन उनकी राह मुश्किल लग रही है। यहां तक कि छोटे दलों के सहयोग के बावजूद नेतन्याहू और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के नेता एवं पूर्व सेना प्रमुख बेनी गैंट्ज 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के जादुई आंकड़े को हासिल करने में नाकाम रहे।
नेतन्याहू पारंपरिक अति रूढ़ीवादी और धार्मिक-राष्ट्रवादी सहयोगियों के समर्थन के बावजूद बहुमत से दूर हैं। यही वजह है कि गुरुवार को नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के वार्ताकारों से बातचीत शुरू की।
लिकुड पार्टी के सांसद जीव इल्किन ने कहा, कोई चमत्कार नहीं हो सकता। कोई नुस्खा नहीं है। कोई विकल्प नहीं है सिवाय गठबंधन सरकार बनाने के। उन्होंने इस्राइली आर्मी रेडियो पर कहा, ‘अगर व्यक्तिगत कारणों से ब्लू एंड व्हाइट पार्टी नेतन्याहू और अन्य कुछ दलों को गठबंधन सरकार में शामिल करने का विरोध करती रही तो इसका अंत तीसरे आम चुनाव के रूप होगा।’
ब्लू एंड व्हाइट पार्टी गैंट्ज के नेतृत्व में गठबंधन सरकार गठित करना चाहती है। साथ ही उसने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेतन्याहू से गठबंधन करने से इनकार कर दिया है।
राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन ने नेतन्याहू और गैंट्ज के बीच गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद बुधवार को नेतन्याहू को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। अगर नेतन्याहू छह हफ्ते में सरकार बनाने में कामयाब नहीं होते हैं तो गैंट्ज को मौका दिया जाएगा। अगर वह भी सफल नहीं होते तो राष्ट्रपति किसी अन्य सांसद को मौका देंगे या फिर तीसरी बार आम चुनाव का प्रस्ताव पेश करेंगे।