फेसबुक के सह-संस्थापक मार्क जुकरबर्ग आजकल अपने नए सोशल मीडिया प्लेटफार्म थ्रेड्स और अपनी सुरक्षा पर खर्च को लेकर सुर्खियों में हैं। जुकरबर्ग की कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में उनकी निजी सुरक्षा पर चार करोड़ डॉलर (करीब 330 करोड़ रुपये) से अधिक खर्च किए हैं। यह उनके परिवार द्वारा संचालित फाउंडेशन द्वारा 'पुलिस को बदनाम करने' वाले समूहों को दी जाने वाली लाखों डॉलर की आर्थिक सहायता की आड़ में किया जा रहा है।
एक विदेशी मीडिया संस्थान के खोजी पत्रकार ली फैंग के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चान जुकरबर्ग इनिशिएटिव (सीजेडआई) ने DefundPolice.org की आड़ में एक संगठन पॉलिसीलिंक को 2020 से 30 लाख डॉलर (24.78 करोड़ रुपये) का दान दिया था।
DefundPolice.org खुद को आयोजकों और अधिवक्ताओं के लिए वन-स्टॉप-शॉप के रूप में दावा करता है। यह ऐसे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराता है जो पुलिस सुरक्षा से हटकर खुद को सुरक्षित रखने के लिए हथियार, संसाधन और प्रशिक्षण की तलाश कर रहे होते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सीजेडआई को जुकरबर्ग ने पत्नी प्रिसिला चान के साथ स्थापित किया था। उन्होंने "सॉलिडेयर" को 25 लाखन डॉलर की मौद्रिक सहायता भी दी है, जिसका उद्देश्य पुलिस को खत्म करना है।
इस साल होंगे 115 करोड़ रुपये खर्च
इस साल फरवरी में कंपनी की फाइलिंग के अनुसार मेटा (जुकरबर्ग की कंपनी) ने 2023 में जुकरबर्ग की सुरक्षा पर अपना खर्च बढ़ाकर 1.4 करोड़ डॉलर (115 करोड़ रुपये) कर दिया है। पिछले कई वर्षों में एक करोड़ डॉलर (करीब 82.61 करोड़ रुपये) की तुलना में यह 40 लाख डॉलर (करीब 33.4 करोड़ रुपये) की वृद्धि है। साथ ही जुकरबर्ग को विभिन्न सुरक्षा और वास्तविक जरूरतों के लिए धन का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
कंपनी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जुकरबर्ग की सुरक्षा में बढ़ोतरी उनकी कंपनी मेटा को स्थिति और महत्व को देखते हुए की गई है। कंपनी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जुकरबर्ग ने वार्षिक वेतन में केवल एक डॉलर प्राप्त करने का अनुरोध किया है और उन्हें कोई बोनस भुगतान, इक्विटी पुरस्कार या अन्य प्रोत्साहन मुआवजा नहीं मिला है। जुकरबर्ग की निजी सुरक्षा पर खर्च और 'पुलिस को बदनाम करने' वाले समूहों के समर्थन को जोड़ने वाली नवीनतम रिपोर्ट को उनके 'पाखंड' के रूप में देखा जा रहा है।