नेतन्याहू ने कहा कि कुछ ही देर पहले इस्राइल ने एक निशानेबाज सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान के खतरे को पीछे ढकेलना है। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।
इस्राइल ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य स्थलों पर प्री-एम्पटिव (पहले से की गई सुरक्षा) कार्रवाई करते हुए हमला किया। इस हमले के बाद तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस पूरी तरह सक्रिय है। मामले में इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा कि हमले के बाद ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका है, इसलिए देश में आपात स्थिति घोषित की गई है। जिसके लिए शुक्रवार को देशभर मे ंस्कूल बंद रहेंगे।
नेतन्याहू ने ऑपरेशन राइजिंग लायन पर दिया जोर
नेतन्याहू ने कहा कि कुछ ही देर पहले इस्राइल ने एक निशानेबाज सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान के खतरे को पीछे ढकेलना है। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस खतरे को पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।
आईएईए ने ईरान को लगाई थी फटकार
गौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने 20 वर्षों में पहली बार ईरान को उसके सहयोग न करने पर फटकार लगाई थी। इसके जवाब में ईरान ने घोषणा की कि वह देश में तीसरा यूरेनियम संवर्धन केंद्र शुरू करेगा और नई पीढ़ी की सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगाएगा।
रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी प्रशासन ने अमेरिकी बलों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, हम साफ कर देना चाहते हैं कि ईरान को अमेरिका के हितों या हमारे सैनिकों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।