अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
- फोटो : Amar Ujala
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में किस पार्टी को कितना चंदा मिला?
द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के मध्यावधि चुनाव में अब तक 50 सबसे बड़े व्यक्तिगत दानदाताओं और संगठनों ने कुल 2.77 अरब डॉलर का योगदान दिया है। इनमें ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करने वाले दानदाताओं और संगठनों ने 1.67 अरब डॉलर दिए हैं। यह कुल चंदे का करीब 60 फीसदी है।
वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करने वाले दानदाताओं ने 83.2 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। यह कुल चंदे का करीब 30 फीसदी है। इस तरह रिपब्लिकन समर्थक दानदाताओं का योगदान डेमोक्रेटिक समर्थकों से लगभग दोगुना रहा है।
बाकी 26.4 करोड़ डॉलर यानी करीब 10 फीसदी चंदा ऐसे दानदाताओं और संगठनों से आया है, जो दोनों पार्टियों या विशेष हितों का समर्थन करते हैं। इनमें खेलों पर सट्टेबाजी और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े समूह भी शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या दावा किया?
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की मुख्य सुपर पीएसी यानी चुनाव अभियान के समर्थन या विरोध में खर्च का जिम्मा संभालने वाली कमेटी मागा इंक ने 2024 में उनके दोबारा चुने जाने के बाद से करीब 473 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। ट्रंप ने 20 अक्तूबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि चुनाव के दिन तक वह 400 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर चुके होंगे। उन्होंने दावा किया कि 300 मिलियन डॉलर से ज्यादा विज्ञापन, मतदाताओं से सीधे और अप्रत्यक्ष संपर्क, रैलियों, वोट डालने के लिए प्रेरित करने वाले अभियानों और चुनाव की से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च हो चुके हैं।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
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2026 के चुनाव में सबसे ज्यादा चंदा देने वाले अरबपति कौन हैं?
अमेरिकी संघीय चुनाव आयोग (एफईसी) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के चुनाव में एलन मस्क सबसे बड़े व्यक्तिगत दानदाता हैं। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला व स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने 44.6 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े संगठनों का समर्थन किया है।
दूसरे स्थान पर एलिजाबेथ और रिचर्ड उइहलीन हैं। दोनों ने मिलकर 15 करोड़ डॉलर का चंदा दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया है।
तीसरे स्थान पर जेफ और जेनिन यास हैं। दोनों ने मिलकर 11 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। जेफ यास ट्रेडिंग कंपनी सस्केहाना इंटरनेशनल ग्रुप के सह-संस्थापक हैं। उन्होंने भी रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े संगठनों का समर्थन किया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करने वाले सबसे बड़े व्यक्तिगत दानदाताओं में जॉर्ज सोरोस शामिल हैं। उन्होंने 10.2 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। इसके बाद न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर माइक ब्लूमबर्ग ने 8.4 करोड़ डॉलर दिए हैं। वहीं, लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन और उनकी पत्नी मिशेल यी ने मिलकर 4.1 करोड़ डॉलर का चंदा दिया है।
2023-24 के अमेरिकी चुनाव में सबसे ज्यादा चंदा किसने दिया था?
- 2023-24 के अमेरिकी संघीय चुनावों में एलन मस्क ने सबसे ज्यादा 29.14 करोड़ डॉलर का चंदा दिया था। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया था।
- दूसरे स्थान पर टिमोथी मेलन रहे, जिन्होंने करीब 19.70 करोड़ डॉलर का योगदान दिया था। उन्होंने मुख्य रूप से रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया था।
- तीसरे स्थान पर मिरियम ओ. एडेलसन रहीं। उन्होंने करीब 14.83 करोड़ डॉलर का चंदा देकर रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया था।
- चौथे स्थान पर रिचर्ड और एलिजाबेथ उइहलीन रहे। दोनों ने मिलकर करीब 14.35 करोड़ डॉलर का योगदान दिया था और रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया था।
- पांचवें स्थान पर केनेथ सी. ग्रिफिन रहे। उन्होंने करीब 10.84 करोड़ डॉलर का चंदा दिया था और रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया था।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
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2026 के चुनाव में किन राजनीतिक संगठनों ने सबसे ज्यादा योगदान दिया?
मध्यावधि चुनाव में राजनीतिक गैर-लाभकारी संगठन सबसे बड़े संगठनात्मक योगदानकर्ताओं में शामिल हैं। इनके अलावा क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों और औद्योगिक समूहों ने भी बड़ी रकम दी है।
रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करने वाले संगठनों में वन नेशन ने सबसे ज्यादा 13.3 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। यह संगठन सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व से जुड़ा है। इसके बाद प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेतृत्व से जुड़े अमेरिकन एक्शन नेटवर्क ने 6.43 करोड़ डॉलर दिए हैं। वहीं, अमेरिकन प्रॉस्पेरिटी अलायंस ने 5.07 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करने वाले संगठनों में मेजॉरिटी फॉरवर्ड ने 10.2 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। इसके बाद हाउस मेजॉरिटी फॉरवर्ड ने 9.37 करोड़ डॉलर और इकोनॉमिक अपॉर्च्युनिटी फंड ने 4.15 करोड़ डॉलर दिए हैं। मेजॉरिटी फॉरवर्ड और हाउस मेजॉरिटी फॉरवर्ड क्रमशः सीनेट और प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक नेतृत्व से जुड़े संगठन हैं।
क्रिप्टोकरेंसी और दूसरी कंपनियों ने कितना चंदा दिया?
अमेरिका के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कॉइनबेस ने 5.78 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। इसके बाद ब्लॉकचेन भुगतान कंपनी रिपल ने 4.96 करोड़ डॉलर दिए हैं। वहीं, क्रिप्टो डॉट कॉम के पीछे की कंपनी फोरिस डीएएक्स ने 3.9 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है। इसके अलावा औद्योगिक समूह कोच ने 4.68 करोड़ डॉलर और खेलों पर सट्टेबाजी से जुड़ी कंपनी ड्राफ्टकिंग्स ने 4.04 करोड़ डॉलर का योगदान दिया है।
अमेरिका में चुनावी चंदा देने की सीमा क्या है?
एफईसी के अनुसार, इस चुनाव में कोई व्यक्ति किसी संघीय उम्मीदवार के चुनाव अभियान को प्रति चुनाव अधिकतम 3,500 डॉलर का चंदा दे सकता है। इसके बावजूद कई अरबपति करोड़ों डॉलर का योगदान दे रहे हैं।
ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि इन दानदाताओं का ज्यादातर पैसा सीधे उम्मीदवारों के चुनाव अभियान में नहीं जाता। इसके बजाय यह पैसा सुपर राजनीतिक कार्रवाई समितियों यानी सुपर पैक को दिया जाता है। इन संगठनों को मिलने वाले चंदे की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती।
सुपर पैक क्या हैं और ये चुनाव में कैसे पैसा खर्च करते हैं?
सुपर पैक ऐसे संगठन हैं, जो चुनाव में किसी उम्मीदवार के समर्थन या विरोध में असीमित पैसा जुटा और खर्च कर सकते हैं। ये संगठन मुख्य रूप से राजनीतिक विज्ञापनों पर पैसा खर्च करते हैं। हालांकि, इनके लिए एक प्रमुख शर्त है कि ये अपने खर्च को उम्मीदवारों या उनके चुनाव अभियानों के साथ मिलकर तय नहीं कर सकते।
साल 2010 में अमेरिकी अदालतों के दो फैसलों के बाद स्वतंत्र राजनीतिक संगठनों के लिए चुनावों में असीमित खर्च करने का रास्ता खुला था। इसके बाद सुपर पैक सामने आए।
सुपर पैक को अपने दानदाताओं की जानकारी अमेरिकी संघीय चुनाव आयोग यानी एफईसी को देनी होती है। यह आयोग अमेरिका में संघीय चुनावों की निगरानी करता है।
हालांकि, वन नेशन और मेजॉरिटी फॉरवर्ड जैसे कुछ बड़े गैर-लाभकारी संगठनों को अपने मूल दानदाताओं की जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी नहीं है। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि चुनाव में खर्च होने वाला पैसा वास्तव में कहां से आया है।
डार्क मनी क्या है और इस पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
अमेरिका में जब राजनीतिक चंदे के मूल स्रोत की जानकारी सार्वजनिक नहीं होती, तो इसे डार्क मनी कहा जाता है। कई बार चुनावी पैसा खर्च होने से पहले अलग-अलग संगठनों के नेटवर्क से होकर गुजरता है। इससे आम मतदाताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो सकता है कि चुनावी खर्च के पीछे कौन है।
अल जजीरा के अनुसार, पूर्व संघीय चुनाव आयोग अध्यक्ष ब्रैडली स्मिथ ने बताया कि यह पैसा केवल मतदाताओं से छिपा होता है, नेताओं से नहीं। नेताओं को पता होता है कि पैसा कहां से आ रहा है और उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा कि असली समस्या चुनाव में खर्च होने वाली कुल रकम नहीं, बल्कि कुछ बड़े दानदाताओं के हाथों में चंदे का केंद्रित होना है।
उनके मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के पास चुनावी राजनीति में लगाने के लिए 10 करोड़ डॉलर नहीं हैं, तो लोकतंत्र में उसका प्रभाव उस स्तर का नहीं होगा, जिस स्तर का प्रभाव लोगों के पास होना चाहिए।
2026 का अमेरिकी चुनाव कितना महंगा होने वाला है?
राजनीतिक विज्ञापनों पर नजर रखने वाली कंपनी एडइम्पैक्ट के मुताबिक, 2026 के मध्यावधि चुनाव में सिर्फ राजनीतिक विज्ञापनों पर 11.6 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है।
यह अमेरिकी इतिहास के किसी भी पिछले चुनावों से ज्यादा होगा। यहां तक कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों पर हुए खर्च से भी अधिक होगा।