चीन में उइगर मुस्लिमों पर किए जा रहे नरसंहार और अपराधों के खिलाफ इस समुदाय के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) में गुहार लगाई गई है। दो उइगर कार्यकर्ता समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले लंदन स्थित वकीलों की एक टीम ने चीन में उइगरों को अवैध रूप से गिरफ्तार करने अथवा कंबोडिया व ताजिकिस्तान से निर्वासित करने के विरुद्ध आईसीजे में शिकायत दर्ज कराई है।
यह पहली बार है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत की मदद ली जा रही है। विदेशों में उइगर समुदाय से जुड़ी संस्था निर्वासित पूर्वी तुर्किस्तान सरकार (ईटीजीई) और तुर्किस्तान नेशनल अवेकिनिंग मूवमेंट (ईटीएनएएम) ने चीन के विरुद्ध अदालत में मानवाधिकार उल्लंघन और सामुदायिक शोषण का मामला दर्ज कराया है।
यह समूह शिंझियांग के लिए आजादी का प्रचार करते हैं। ईटीजीई ने कहा उइगर पीड़ितों को अवैध रूप से पूर्वी तुर्किस्तान से ताजिकिस्तान और कंबोडिया से निर्वासित किया गया। चीन लौटने पर उन्हें हत्या, गैरकानूनी कारावास, यातना, जबरन जन्म नियंत्रण और बंध्याकरण और जबरन विवाह समेत कई अन्य मामलों में हिरासत में ले लिया गया। 80 पन्नों की शिकायत में राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत 30 से अधिक चीनी अधिकारियों की सूची शामिल है, जिन्हें इसका जिम्मेदार ठहराया है।
बेहद अहम केस साबित होगा : वकील
चीन के खिलाफ आईसीजे में अपील दायर करने वाले वकीलों में से एक रॉनडी डिक्सन ने कहा कि नरसंहार को लेकर चीन कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। चीन, कंबोडिया दोनों कोर्ट के सदस्य देश हैं और इस तरह यह वैश्विक मामला भी है। उन्होंने कहा कि ये बेहद अहम केस साबित हो सकता है क्योंकि चीन को मानवाधिकारों हनन व उइगर नरसंहार के लिए अब तक किसी भी जवाबदेही का सामना नहीं करना पड़ा है।
चीन नहीं देगा जवाब
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीजे) में नरसंहार, युद्ध अपराध और अन्य मानवाधिकार हनन के वैश्विक मामलों की सुनवाई होती है। हालांकि इस बात पर पूरा संदेह है कि चीन इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को मानेगा और जांच के लिए तैयार होगा। लेकिन फिर भी पहली बार किसी विश्व निकाय में इस बाबत सुनवाई शुरू होगी।
जिनपिंग के आलोचक प्रो. झंगरून गिरफ्तार
चीन की राजधानी बीजिंग में पुलिस ने सोमवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आलोचक जू झंगरून को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। वह देश की प्रतिष्ठित शिघुआ यूनिवर्सिटी में कानून के प्रोफसर हैं। उनकी मित्र गेंग जियाओनान ने कहा कि पिछले महीने जू की एक किताब न्यूयॉर्क में प्रकाशित हुई थी।
इसमें शी जिनपिंग और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की तीखी आलोचना की गई है। किताब में 10 राजनीतिक निबंध हैं। एक निबंध में लिखा गया कि चीन माओत्से तुंग के अधिनायकवादी शासन की ओर जा रहा है।