पाकिस्तान के एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी को एक भारतीय कंपनी से रिश्वत मिली थी, जब वह पांच साल पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मंत्रिमंडल में संघीय पेट्रोलियम मंत्री के रूप में कार्यरत थे। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता शाहबाज गिल ने आरोप लगाया कि अब्बासी ने एक भारतीय फर्म से 14 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।
इमरान के करीबी ने भारतीय कंपनी से 14 करोड़ रुपये लेने का लगाया आरोप
गिल के मुताबिक, खाकान अब्बासी ने 2017 में संघीय पेट्रोलियम मंत्री के रूप में सेवा करते समय टेलीग्राफिक ट्रांसफर के माध्यम से एक भारतीय कंपनी से 14 करोड़ रुपये हासिल किए थे। पाकिस्तान ऑब्जर्वर अखबार ने उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया कि उनके पास अब्बासी को किए गए सभी लेनदेन की रसीदें थीं, जो अब सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं।
डॉन की रिपोर्ट में गिल के हवाले से कहा गया है कि अब्बासी के बैंक खाते में तीन लेन-देन के जरिए एक दिसंबर 2016 और दो जनवरी 2017 को राशि जमा की गई थी। इस दौरान वह नवाज शरीफ के कैबिनेट में पेट्रोलियम मंत्री थे। अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान के चीफ ऑफ स्टाफ गिल ने भारतीय कंपनी के नाम का खुलासा नहीं किया।
अब्बासी बोले, कीचड़ उछालने की बजाय ठोस सबूत लेकर आए पीटीआई
अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 63 वर्षीय अब्बासी ने कहा कि उन पर कीचड़ उछालने के बजाय पूर्व सत्ताधारी दल को ठोस सबूतों के साथ उनके खिलाफ याचिका दायर करनी चाहिए। अगस्त 2017 से मई 2018 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे अब्बासी ने कहा कि पीटीआई और उसकी चरित्र-हत्या ब्रिगेड चार साल तक सत्ता में रही, लेकिन उन्हें उनके खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं मिला।
पीएमएल-एन नेता ने कहा कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पूर्व पीटीआई सरकार ने उनके खिलाफ दो फर्जी मामले दर्ज किए थे। गिल ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता को अपने खातों को सार्वजनिक करने की भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मैं अपने बैंक विवरण खातों को सार्वजनिक करने और अब्बासी से इसकी मांग करने के लिए तैयार हूं, ताकि सच्चाई की जीत हो सके।