पूर्व राजदूत ने कहा, मुझे उम्मीद है कि कनाडा सरकार उनके खिलाफ कदम उठाएगी और दोषियों का पता लगाएगी, उन्हें सजा देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में इस तरह के घृणा अपराध दोबारा न हों।
कनाडा में भारत के पूर्व उप दूत नीरज श्रीवास्तव ने शनिवार को कनाडा के ब्रैम्पटन में श्री भगवद गीता पार्क साइन बोर्ड को तोड़े जाने के लिए खालिस्तानी आतंकवादियों को दोषी ठहराया और कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कनाडा में इस तरह का घृणा अपराध हुआ है। 15 सितंबर को टोरंटो में स्वामीनारायण मंदिर को भी विकृत किया गया था और खालिस्तान के नारे और दीवारों पर तस्वीरें बनाई गई थीं। भारत सरकार ने कनाडा से दृढ़ता से अनुरोध किया था कि वह इस तरह के अपराध को रोकने के लिए कार्रवाई करे और कनाडा में हिंदुओं और उनके पूजा स्थलों की रक्षा करें। इसलिए, मुझे ऐसा लगता है कि इस बार भी खालिस्तानी आतंकवादियों का काम है।
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कनाडा सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग
श्रीवास्तव ने कहा, मुझे उम्मीद है कि कनाडा सरकार उनके खिलाफ कदम उठाएगी और दोषियों का पता लगाएगी, उन्हें सजा देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में इस तरह के घृणा अपराध दोबारा न हों। पूर्व उप दूत की टिप्पणी रविवार को आई जब कनाडा में भारतीय उच्चायोग ने टोरंटो में भगवद गीता पार्क की घटना की निंदा की और मामले की जांच की मांग की। कनाडा में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया, हम ब्रैम्पटन में श्री भगवद गीता पार्क में घृणा अपराध की निंदा करते हैं। हम कनाडा के अधिकारियों और पील क्षेत्रीय पुलिस से जांच करने और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं।
श्री भगवद गीता पार्क के साइन बोर्ड को तोड़ा गया
शनिवार को भगवद गीता पार्क के साइन बोर्ड को तोड़ा गया था। ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने रविवार को पार्क में तोड़फोड़ की पुष्टि की और कहा कि कनाडा इस तरह के हमलों के प्रति सख्त रवैया रखता है। ब्राउन ने ट्वीट किया- हम जानते हैं कि हाल ही में अनावरण किए गए श्री भगवद गीता पार्क साइन को तोड़ दिया गया है। इसके लिए हमारी शून्य सहनशीलता है। हमने आगे की जांच के लिए पील क्षेत्रीय पुलिस को निर्देश दिया है। हमारा पार्क विभाग जल्द से जल्द मामले को हल करने और इसे ठी करने के लिए काम कर रहा है। इससे पहले 15 सितंबर को कनाडा के बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण (बीएपीएस) मंदिर की दीवारों पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने तोड़फोड़ की और भारत विरोधी नारे लगाए थे।
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ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने तब इस घटना पर चिंता व्यक्त की थी और कनाडा के अधिकारियों से मामले की जांच करने को कहा था।कनाडा के ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया था कि टोरंटो में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को भारत विरोधी तस्वीरों से विकृत करने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने कनाडा के अधिकारियों से घटना की जांच करने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। भारत ने 23 सितंबर को कनाडा में भारतीय नागरिकों और छात्रों को देश में अपराधों, सांप्रदायिक हिंसा और भारत विरोधी गतिविधियों की बढ़ती घटनाओं के बीच सतर्क रहने के लिए एक सलाह जारी की थी।