एवरग्रांडे के संस्थापक हुई का यान
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शेनझेन की मध्यवर्ती जन अदालत ने चीन के एवरग्रांडे रियल एस्टेट समूह के संस्थापक हुई का यान को गुरुवार को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहींं, इस कंपनी का पतन तब हुआ, जब 2020 में चीनी सरकारी अधिकारियों ने अधिकी उधार लेने पर कार्रवाई शुरू की। इसके कारण पूरे चीनी रियल एस्टेट बाजार संकट में आ गया।
अदालत ने कितना जुर्मना लगाया?
अदालत की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इसने एवरग्रांडे ग्रुप पर 8.82 बिलियन युआन (1.31 बिलियन अमेरिकी डॉलर) और एवरग्रांडे रियल एस्टेट पर 7 बिलियन युआन (1.04 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही सारी संपत्ति जब्त कर ली।
हुई का यान ने कब अपराध कबूल किया?
हुई का यान, जिसे जू जियायिन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने अप्रैल में सार्वजनिक जमा राशि के अवैध अवशोषण, धोखाधड़ी और कॉर्पोरेट रिश्वतखोरी सहित कई आरोपों में दोषी होने की बात स्वीकार की। एवरग्रांडे दुनिया की सबसे अधिक कर्जदार रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी थी, जिस पर परिसमापन का आदेश दिए जाने से पहले 300 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कर्ज था।
क्या है एवरग्रांडे ग्रुप?
एवरग्रांडे ग्रुप कभी चीन के रियल एस्टेट कारोबार में सबसे बड़ा नाम था। एफपी समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में दशकों तक घरों की मांग में जबरदस्त उछाल आया और एवरग्रांडे ने लोगों को अपना घर होने का सपना दिखाकर खूब तरक्की की। हालांकि, जब चीनी सरकार ने बहुत ज्यादा कर्ज लेने और सट्टेबाजी पर रोक लगाने वाले नियम लागू किए, तो कंपनी के लिए लोन लेना मुश्किल हो गया।
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि 2016 से 2021 के बीच एवरग्रांडे और कंपनी के संस्थापक ने देश के कानूनों का उल्लंघन किया। उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी की। कंपनी की संपत्ति को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। इसके साथ ही कर्ज को छिपाया।