खबरों के मुताबिक जब से वार्ता ठहरी है, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम की गति तेज कर दी है। वह अधिक ऊंचे स्तर तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ईरान उस स्थिति में है, जब वह चाहे तो कुछ महीनों की तैयारी के साथ परमाणु बम बना सकता है।
पिछले हफ्ते वाशिंगटन में इस्राइल के विदेश मंत्री यायर लेपिड से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकेन ने कहा था- ‘हम उस बिंदु के करीब पहुंच गए हैं, जहां परमाणु डील पर अमल भर से इस समझौते के लाभ हमें नहीं मिल पाएंगे। इसकी वजह यह है कि अभी की अवधि का इस्तेमाल ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है।’
लेकिन अब ईयू अधिकारियों को भरोसा है कि ईरान ने वियना वार्ता में लौटने का मन बना लिया है। उनके मुताबिक ब्रसेल्स में बातचीत के बाद ऐसा होगा। ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस इस कोशिश में हैं कि अमेरिका परमाणु डील में वापस आ जाए। लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस रास्ते में अभी कई रुकावटें हैं।