यूरोपीय संघ की ओर से भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड लगवाने वालों को ग्रीन पास न देने के मामले में मंगलवार को एक नया मोड़ आ गया है। यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने मंगलवार को कहा कि कोविशील्ड की ओर से मंजूरी के लिए आवेदन ही नहीं दिया गया है। अगर कोविशील्ड का आवेदन प्राप्त होता है, तो वह इस विचार करेगी। साथ ही कहा कि अगर सदस्य देश चाहें तो अपने यहां भारतीयों को यात्रा की अनुमति दे सकते हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई ने यूरोपीय संघ के एक अधिकारी के हवाले से बताया, ''यूरोपीय चिकित्सा एजेंसी (ईएमए) को सोमवार शाम तक कोविशील्ड की मंजूरी के लिए आवेदन नहीं मिला है। अगर उसे आवेदन मिला है, तो जांच कर मंजूरी देने पर विचार किया जाएगा। साथ ही कहा कि ईएमए नई दवाओं और वैक्सीन की खुद से जांच तब तक नहीं करती, जब तक संबंधित कंपनियों की ओर से आवेदन दे कर नहीं कहा जाता।''
भारतीय यात्रियों को लेकर ईयू के अधिकारी ने कहा कि कोरोना के चलते गैर यूरोपीय संघ देशों से आने वाले यात्रियों के यूरोपीय देशों में अस्थायी प्रतिबंध लागू है। ऐसे में अगर यूरोपीय संघ के देश अपने यहां बाहर के यात्रियों को आने की अनुमति देना चाहें, तो वे दे सकते हैं। फिर चाहे वो कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले पर्यटक हों या फिर अन्य।
क्या है मामला?
सोमवार को खबर आई थी कि यूरोपीय संघ ने अब तक भारतीय वैक्सीन कोविशील्ड को मंजूरी नहीं दी है, जिससे इस वैक्सीन को लगवाने वालों को ग्रीन पास नहीं दिया जाएगा। इस वजह से भारतीय यूरोपीय देशों की यात्रा नहीं कर पाएंगे। यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने कोविशील्ड को मंजूरी न देने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वैक्सीन के पास वर्तमान में यूरोपीय संघ में मार्केटिंग ऑथराइजेशन नहीं है। वहीं अब यूरोपीय संघ अपने इस बयान से पलट गया है।