यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उरसुला वॉन डेर लियेन ने यूरोपियन यूनियन (ईयू) में रूसी तेल और प्राकृतिक गैस के आयात पर पूरी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेन पर रूस की विशेष सैनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद रूस पर प्रतिबंधों की छठी किस्त का एलान करते हुए डेर लियेन ने प्रस्ताव रखा। उन्होंने यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए कहा कि नए प्रतिबंधों का मकसद यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए रूस को दंडित करना है।
डेर लियेन ने कहा- ‘नए प्रस्ताव के तहत सभी प्रकार के रूसी तेल पर प्रतिबंध लग जाएगा। इनमें समुद्र से निकले और पाइपलाइन से आने वाले तेल, क्रूड और रिफाइंड सभी शामिल हैं। रूसी तेल पर हम अपनी निर्भरता व्यवस्थित ढंग से खत्म करेंगे। हम इसे चरणों में खत्म करेंगे, जिससे हमारे सहभागियों को सुरक्षित वैकल्पिक स्रोत ढूंढने और सुनिश्चित करने का मौका मिलेगा कि विश्व बाजार से आयात पर उन्हें न्यूनतम निर्भर रहना पड़े। इसीलिए हम अगले छह महीनों में रूसी क्रूड ऑयल का आयात रोकेंगे। रिफाइंड उत्पादों का उत्पाद इस साल के अंत तक रोका जाएगा।’
लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि डेर लियेन की योजना अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है। यह तभी लागू होगा, जब ईयू में शामिल सभी 27 देश इसका अनुमोदन कर देंगे। रूसी तेल और गैस पर निर्भरता घटाने के मुद्दे पर ईयू में पहले ही मतभेद उभर चुके हैं। हंगरी ने कहा है कि ऊर्जा सप्लाई के मुद्दे पर वह अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। स्लोवाकिया ने भी संकेत दिया है कि वह इस मामले में उसे छूट दिए जाने की मांग करेगा।
डेर लियेन के ताजा प्रस्ताव के तहत रूस के कई और उच्च पदस्थ अधिकारियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। डेर लियेन ने इन लोगों पर युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके अलावा रूसी स्वामित्व वाले तमाम प्रसारण संस्थानों के सिग्नल ईयू क्षेत्र में ब्लॉक करने की घोषणा भी उन्होंने की। रूस के सबसे बड़े बैंक- स्बेर बैंक को अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम स्विफ्ट से बाहर करने के फैसले का एलान भी उन्होंने किया।