भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पण की सुनवाई 4 दिसंबर से शुरू होकर आठ दिन तक चलेगी। वह सोमवार को प्री-ट्रॉयल सुनवाई के लिए वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश हुए। विभिन्न बैंकों का 9000 करोड़ नहीं लौटाने के मामले में वह भारत में वांछित है।
61 वर्षीय विजय माल्या को कोर्ट ने पिछली ही शर्तों पर जमानत दे दी और 4 दिसंबर को पेश होने को कहा। इस साल की शुरुआत में स्कॉटलैंड यार्ड ने उसके खिलाफ प्रत्यर्पण वारंट जारी किया गया था, जिस पर उसे कोर्ट से राहत मिल गई थी और वह जमानत पर हैं। प्रत्यर्पण की सुनवाई 14 दिसंबर तक चलेगी जिसमें 8 दिसंबर को कोर्ट नहीं बैठेगी।
कोर्ट के बाहर माल्या ने एक बार फिर कहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया और वह कोर्ट से पाक साफ निकलेगा। बैरिस्टर क्लारे मोंटगोमरी के नेतृत्व वाली बचाव टीम ने जज को बताया कि उनकी टीम ने पिछले हफ्ते ही दस्तावेज जमा कर दिए है और अब गेंद भारत सरकार की कोर्ट में है कि वे अपना जवाब अगले हफ्ते तक दाखिल करें।
माल्या पर विभिन्न बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसे न चुकाने की वजह से उन पर देश की विभिन्न अदालतों में कई मामले चल रहे हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट उन्हें एक मामले में भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
राज्यसभा सांसद रहे माल्या 2 मार्च 2016 को देश छोड़कर फरार हो गए थे। भारत और ब्रिटेन के बीच 1992 में प्रत्यर्पण संधि हुई थी लेकिन इसके तहत अब तक केवल एक ही व्यक्ति को भारत लाया जा सका है।