जल्द ही संभव है भारतीय सेना को आतंकियों के ठिकाने नष्ट करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने की जरूरत न पड़े बल्कि भारतीय सेना अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की कार्रवाई की तर्ज पर अपने हेडक्वार्टर में बैठे-बैठे ही आतंकियों के ठिकाने पर बम गिराकर उसे नष्ट कर दे। ये संभव हो सकता है उस गार्जियन ड्रोन विमान की मदद से, जिससे अमेरिका ने मौलाना रेडिया, मुल्ला उमर सरीखे कई क्रूर आतंकियों को ठिकाने लगाया है।
यहां चल रहे एयरशो के दौरान सूत्रों के हवाले से जानकारी आई है कि अमेरिका ने भारत को गार्जियन ड्रोन का विध्वंसक संस्करण देने की पेशकश की है। अभी तक अमेरिका इस विमान का मात्र सर्विलांस के लिए बना हथियार रहित संस्करण ही देता था। लेकिन एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ये ड्रोन हासिल करने वाला भारत नाटो देशों की सूची से बाहर पहला देश बन सकता है।
पाकिस्तान पर पड़ जाएंगे भारी
यदि अमेरिका ने भारत को ये विमान दिया तो इस उपमहाद्वीप में यह पहला हाइटेक मानवरहित विमान होगा। दरअसल भारत को ये विमान मिलने की संभावना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अपने यहां रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई हथियार बिक्री नीति के कारण बढ़ी है।
अब भी थम सकती है भारतीय राह
अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि भारत को ये विध्वंसक ड्रोन हासिल करने के लिए एक कम्युनिकेशन फ्रेमवर्क को स्वीकार करना होगा, जो दिल्ली को अपने क्षेत्र में दखलंदाजी जैसा लग सकता है। इस बात पर जुलाई में स्थगित की गई टू प्लस टू बैठक में भी चर्चा होनी थी।
इससे पहले जून में जनरल एटॉमिक्स ने भारत को हिंद महासागर की निगरानी के लिए गार्जियन के 22 नेवल वेरियंट मानवरहित एमक्यू-9बी बेचने को अमेरिका के हरी झंडी दिखा देने की रिपोर्ट दी थी। ये डील करीब 2 बिलियन डॉलर की है।