यूरोपियन संघ की प्रतिस्पर्द्धा आयुक्त मार्गेट वेस्टागर
अपने मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड के एकाधिकार की बदौलत मोबाइल जगत पर पूरी तरह कब्जा जमाए बैठी गूगल को बुधवार को करारा झटका लगा है। यूरोपियन संघ (ईयू) ने गूगल को अवैध तरीके से एंड्रायड के एकाधिकार का दुरुपयोग पने सर्च इंजन व वेब ब्राउजर को बढ़ावा देने में करने का दोषी माना है और उस पर अपने इतिहास का सबसे बड़ा स्पर्द्धारोधी जुर्माना लगा दिया है। तीन साल की जांच के बाद बुधवार को हुई कार्रवाई में इस विशाल अमेरिकी कंपनी पर 4.3 अरब यूरो यानी करीब 34276 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस कार्रवाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरोपियन स्टील और एल्युमीनियम के अपने देश में निर्यात पर लगाए गए भारी शुल्क के बाद शुरू हुई ट्रांसअटलांटिक ट्रेड वार से जोड़कर देखा जा रहा है। अगले सप्ताह यूरोपियन कमीशन के चीफ जीन-क्लाउडे जंकर को ट्रंप के साथ ट्रेड टैरिफ पर अहम वार्ता के लिए अमेरिका जाना है। संभावना है कि उस मुलाकात में इस निर्णय का खासा असर दिखाई देगा।
90 दिन में सुधरे नहीं तो और जुर्माना
ईयू की प्रतिस्पर्द्धा आयुक्त मार्गेट वेस्टागर ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि गूगल यदि 90 दिन के अंदर इसमें सुधार नहीं करता है तो उस पर अपनी दैनिक औसत आय के 5 फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, गूगल मोबाइल निर्माता कंपनियों को बिना शुल्क लिए एंड्रॉयड उपलब्ध कराने के बदले अपने वेब ब्राउजर व सर्च इंजन को उसमें प्री-इंस्टॉल करने के लिए मजबूर करता है, जिससे अन्य ब्राउजर व सर्च इंजन के लिए मौका छिन जाता है। वह इसके लिए कंपनियों को आर्थिक प्रोत्साहन के नाम पर पैसा भी उपलब्ध कराता है। डेनमार्क की पूर्व मंत्री वेस्टागर ने ये भी बताया कि उन्होंने मंगलवार रात को ही टेलीफोन पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को इस निर्णय के बारे में बता दिया था।
गूगल पर ही लगा था पिछला जुर्माना
बता दें कि ईयू के इतिहास का पिछला बड़ा जुर्माना भी गूगल पर ही वर्ष 2017 में लगाया गया था। तब सिलिकॉन वैली की इस दिग्गज कंपनी पर शॉपिंग तुलनात्मक सेवा के लिए करीब 2.4 अरब यूरो यानी करीब 19130 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। इससे पहले वर्ष 2004 में माइक्रोसॉफ्ट पर 497 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया गया था। उधर, गूगल के प्रवक्ता अल वरनी ने कहा कि उनकी कंपनी इस जुर्माने के खिलाफ अपील करेगी और बताएगी कि एंड्रॉयड हर किसी के लिए बराबर मौका उपलब्ध कराता है।