विकीलीक्स के को-फॉउंडर जूलियन असांजे पर चल रहे कथित रेप केस को बंद कर दिया गया है। स्वीडन में मामले की जांच कर रही एजेंसी ने इस केस को बंद करने के निर्णय के साथ ही उनके खिलाफ जारी किए गए अरेस्ट वारंट को भी रद्द कर दिया है। खुद विकीलीक्स ने ट्विटर पर इसकी घोषणा की।
BREAKING: Sweden has dropped its case against Julian Assange and will revoke its arrest warrant
Background: https://t.co/UHj8QtwrTh
— WikiLeaks (@wikileaks) May 19, 2017
विकीलीक्स के को-फॉउंडर पर रेप केस का मामला चल रहा था, जिसके लिए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के साथ ही स्वीडन में प्रत्यर्पण की कोशिश भी की जा रही थी। पर उनके खिलाफ मामले की जांच बंद होने और गिरफ्तारी वारंट रद्द होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। वो अबतक लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में रह रहे थे।
असांजे के ब्रिटेन छोड़ने की संभावनाएं अभी तक साफ नहीं
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वैसे असांजे के ब्रिटेन छोड़ने की संभावनाएं अभी तक साफ नहीं हो पाई हैं क्योंकि ब्रिटेन ने उन्हें किसी और मामले में न फंसाने और अमेरिका प्रत्यर्पित करने को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया है। जबतक ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिलेगा, तबतक वो इक्वाडोर के दूतावास में ही रहेंगे।
UK refuses to confirm or deny whether it has already received a US extradition warrant for Julian Assange. Focus now moves to UK.
— WikiLeaks (@wikileaks) May 19, 2017
स्वीडन की लोक अभियोजन एजेंसी की मुखिया ने रायटर को दिए बयान में कहा कि जूलियन असांजे के खिलाफ चल रहे केस को रद्द किया जा रहा है। अब इस मामले में आगे कोई जांच नहीं होगी।
बता दें कि असांजे लंदन में इक्वाडोर दूतावास में साल 2012 से रह रहे हैं। ऐसे में स्वीडन द्वारा केस बंद करने के बाद उन्हें बड़ी राहत पहुंच रही है, और हो सकता है कि वो जल्द ही वहां से दूर निकल जाएं।
गौरतलब है कि अप्रैल में अमेरिकी अटॉर्नी जनरल जेफ सेसन्स ने कहा था कि विकीलीक्स के को-फॉउंडर की गिरफ्तारी उनके लिए महत्वपूर्ण है। दरअसल, अमेरिकी एजेंसियां साल 2010 से ही असांजे के खिलाफ जांच कर रही है, जिसमें असांजे ने अमेरिकी आर्मी के इंटेलीजेंट एनलिस्ट चेल्सिया मैनिंग की मदद से हजारों खुफिया जानकारियों को दुनिया के सामने रखा था। इस मामले में चेल्सिया अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिकी जेल से रिहा हुए हैं।