शनिवार,1 जून,2013 से रूस में कई सार्वजनिक स्थलों पर सिगरेट पीने और तम्बाकू उत्पादों का प्रचार करने वाले विज्ञापनों पर रोक लग जाएगी।
इन प्रतिबंधों के तहत दफ्तरों, इमारतों की सीढ़ियों, बसों और रेल स्टेशनों एवं हवाई अड्डों के 15 मीटर के दायरे में धूम्रपान पर पाबंदी लग जाएगी।
रूस विश्व के उन देशों में से एक है जहां धूम्रपान की दर सबसे ज्यादा है। रूस की करीब 40 प्रतिशत जनसंख्या धूम्रपान करती है।
राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने इसी साल फरवरी में धूम्रपान निरोधक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। यह कानून जन स्वास्थ्य में सुधार करने, जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और आर्थिक विकास में बढ़ोत्तरी के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों का एक अंग है।
रूसी प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवदेव ने बताया कि पिछले साल धूम्रपान के कारण 40,000 रूसियों की मौत हो गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के लिए ऐसे कानून नए नहीं है। असल बात तो यह है कि यह कानून लागू कैसे होता है।
पूर्व सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी निकालई जेरैसिमेंको कहते हैं कि यह कानून बढ़िया है। यह हमारी नीतियों के अनुरूप भी है। लेकिन इस वक्त ज्यादा महत्वपूर्ण है इसका क्रियान्वयन।
2014 में इस प्रतिबंध का विस्तार करते हुए रेस्टोरेंट, मदिरालयों, जलयानों और रेलगाड़ियों में भी धूम्रपान पर पाबंदी लग जाएगी।
1 जून, 2014 से सभी कॉफी घर, मदिरालय, रेस्टोरेंट, होटल, दुकानें, बाजार, शॉपिंग सेंटर और ट्रेनों तथा जलयानों में की जाने वाली लंबी दूरी की यात्राएं धूम्रपान मुक्त हो जाएंगी।
इस कानून के तहत स्थानीय गुमटियों में भी सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध लग जाएगा और एक निश्चित दाम से कम मूल्य में सिगरेट नहीं मिला करेगी।