नगर निगम के मेयर आफिस में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें मंगलवार को सज गईं। ऐसे में बुधवार को होने वाली सदन की बैठक में कांग्रेस इस मामले में हंगामा कर सकती है।
मेयर अरुण सूद संघ के सीनियर नेताओं की तस्वीरें पिछले माह ही दिल्ली से ले आए थे लेकिन वे मेयर कार्यालय के रेनोवेशन का इंतजार कर रहे थे। रेनोवेशन के बाद तस्वीरें लगा दी गई हैं। ऐसा अब तक नगर निगम के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि सरकारी कार्यालय में संघ नेताओं की तस्वीरें लगी हों, जबकि 15 साल पहले जब भाजपा का निगम पर राज था तब भी ऐसा नहीं हुआ था।
आरएसएस के फाउंडर संचालक डा. केशव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सर संघचालक एमएस गोलवलकर की तस्वीर शामिल है। जबकि कांग्रेस पार्टी इन तस्वीरों को लगाने पर आपत्ति जता रही है।
मेयर का संघ से पुराना नाता
मेयर अरुण सूद का इतिहास संघ के साथ रहा है। वह पंजाब में एबीवीपी के प्रचारक भी रह चुके हैं। उन्होंने कुल चार तस्वीरे अपनी आफिस में लगाई हैं, जिनमे संघ के दो वरिष्ठ नेताओं के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत माता की तस्वीर है।
कांग्रेस और भाजपा ने बनाई रणनीति
बैठक से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ने प्री हाउस की बैठक की। जिसमे कांग्रेस ने भाजपा पार्षद सतीश कैंथ पर दर्ज हुए मामले में सदन के बाहर और अंदर दोनो ही हंगामा करने की योजना बनाई जबकि भाजपा ने यह रणनीति बनाई है कि अगर कैंथ का मामला उठता है तो पूर्व मेयर पूनम शर्मा द्वारा बिना नक्शे के अटावा में इमारत का मामला उठाया जाएगा इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकाल में हुए बूथ घोटाले का मामला उठाया जाएगा।
सिटीजन चार्टर होगा पास
नगर निगम सदन की बैठक बुधवार को होगी। इस बैठक में सिटीजन चार्टर का प्रस्ताव पास होने के लिए आएगा। नगर निगम की ओर से सिटीजन चार्टर का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस पर शहरवासियों के सुझाव भी मांगे गए हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल में सिटीजन चार्टर लागू कर दिया जाएगा। बैठक में हल्लोमाजरा में कार बाजार शिफ्ट करने पर भी निर्णय लिया जाएगा।
अरुण सूद, मेयर, नगर निगम चंडीगढ़ ने बताया कि प्रथम सरसंघ संचालक डा. केशवराव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सर संघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उनके पूजनीय है ऐसे में इनकी तस्वीरें लगाना कोई गलत नहीं है। वह खुद भी संघ से जुड़े रहे हैं।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि आरएएस का देश की आजादी में क्या योगदान रहा है, जो मेयर आफिस में उनकी तस्वीरें लगाई गई हैं। मेयर कार्यालय सरकारी है कि न कि किसी की निजी प्रापर्टी। ऐसा करके भाजपा छोटी और ओछी राजनीति कर रही है। चंडीगढ़ शहर के लोग पढ़े लिखे हैं और सब कुछ समझते हैं। तस्वीरें लगाने के नार्म्स तय हैं जिसके तहत आरएसएस के नेताओं की तस्वीरें नहीं लगाई जा सकतीं।