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पेरिस हमला: एक संदिग्ध ने किया सरेंडर

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समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि फ्रांस में व्यंग्य पत्रिका शर्ली एब्डो के कार्यालय पर हमला करने वाले तीन संदिग्ध हमलावरों में से एक हामिद मुराद ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
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एएफपी के मुताबिक़ 18 साल के हामिद मुराद ने स्थानीय समय रात के 11 बजे आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार हामिद ने सोशल मीडिया पर अपना नाम देखने के बाद आत्मसमर्पण किया।

पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। इस बीच हमलावारों की खोज के लिए पुलिस का व्यापक अभियान जारी है। इस बीच राजधानी पेरिस और अन्य शहरों में लोगों ने हमले के खिलाफ मौन जुलूस निकाला है। दुनिया भर में इन हमलों की व्यापक रुप से निंदा की जा रही है।
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इस हमले में पत्रकारों समेत 12 लोग मारे गए हैं। फ्रांसीसी मीडिया ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि तीन हमलावरों की पहचान हो गई है जो कि इस्लामी चरमपंथी हो सकते हैं।

पैगम्बर मोहम्मद साहब के कार्टून का बदला

एक हमलावर पूर्व में चरमपंथी गतिविधियों के आरोप में दोषी भी साबित हुआ है। फ्रांस के उत्तर पूर्वी शहर रिएम्स में भी अभियान चल रहा है जो एक हमलावर का घर बताय जाता है।

हमले में मारे गए लोगों में पत्रिका के संपादक समेत जाने माने तीन कार्टूनिस्ट और दो पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। शार्ली एब्डो में पूर्व में इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद पर बने ऐसे कार्टून छापे गए हैं जिससे कुछ मुस्लिमों की भावनाएं आहत हुई हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने गुरुवार को राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और कहा है कि ये हमले फ्रांस की मूल भावनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख‌िलाफ हैं।

राजधानी पेरिस और अन्य कई शहरों में लोगों ने शर्ली एब्डो पत्रिका पर हुए हमले के ख‌िलाफ मौन जुलूस निकाला है। बिना किसी आह्वान के लोग सड़कों पर निकले हैं और कई लोगों के हाथों में कार्ड थे जिनपर लिखा था.. मैं हूं शर्ली।

पेरिस के मुख्य चौराहे प्लेस डे ला रिपब्लिक में कई लोगों ने मोमबत्तियां जलाई और श्रद्धांजलि के तौर पर कलम रखे। यूरोप के कई अन्य शहरों में भी लोग इसी तरह जमा हो रहे हैं।
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दुनिया भर में कड़ी भर्त्सना

फ्रेंच पत्रिका पर हुए हमले की दुनियाभर में निंदा हो रही है और दुनिया भर के नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने फ्रांस के लिए शोक संदेश भेजे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस घटना को बर्बर और कायरतापूर्ण करार दिया है।

अरब लीग और मिस्र की जानी मानी इस्लामी अथॉरिटी अल-अजहर ने कहा कि ये हत्याएं अपराध की श्रेणी में आती है। फ्रांस के कुछ अख़बारों ने शर्ली एब्डो के साथ एकजुटता दिखाते हुए पत्रिका के कुछ कार्टूनों को प्रकाशित करने का फैसला किया है।

पत्रिका ने डेनमार्क के कार्टूनिस्ट कर्ट वेस्टरगार्ड के विवादित कार्टूनों को प्रकाशित किया था। वेस्टरगार्ड ने कहा है कि मीडिया को आत्मसमर्पण नहीं करना चाहिए।

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी का कहना था, ''ये हत्याएं एक बड़े संघर्ष का हिस्सा हैं। ये सभ्यताओं की लड़ाई नहीं है बल्कि सभ्यता और सभ्य दुनिया के ख‌िलाफ खड़े लोगों की लड़ाई है। हत्यारों को भले ही लगता हो कि उन्होंने शार्ली एब्डो को मार दिया लेकिन वो गलत हैं..आज..कल..परसों... दुनिया में कोई भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोक नहीं सकता है।''

फ्रांस के प्रमुख मुस्लिम नेताओं ने भी इस हमले की कड़ी भर्त्सना की है। फ्रेंच मुस्लिम काउंसिल ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है और मुसलमानों से आह्वान किया है कि वो चरमपंथियों के बहकावे में न आएं। एक मुस्लिम नेता अजहर सिद्दीक का कहना था कि हमलावरों ने इस्लाम को अगवा किया है और ऐसा कृत्य किया है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है।
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